तेल के अलावा ईरान से भारत क्या-क्या आता है? पूरी लिस्ट देखिए

जानिए तेल के अलावा ईरान भारत को क्या-क्या सप्लाई करता है

ईरान : भारत और ईरान के बीच रिश्ते बहुत पुराने हैं। दोनों देशों के बीच सदियों से व्यापार होता आ रहा है। आजकल जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है, तब लोग पूछ रहे हैं कि तेल के अलावा ईरान से भारत क्या-क्या लाता है। दरअसल, तेल के अलावा भी ईरान से कई जरूरी चीजें भारत आती हैं, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, उद्योग और खेती से जुड़ी हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार करीब 1.68 अरब डॉलर का था। भारत ईरान को ज्यादा सामान निर्यात करता है (लगभग 1.24 अरब डॉलर), जबकि ईरान से आयात करीब 0.44 अरब डॉलर का होता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद दोनों देश रुपया-रियाल के जरिए व्यापार चला रहे हैं। अब देखते हैं कि तेल के अलावा ईरान से कौन-कौन सी चीजें भारत में इस्तेमाल होती हैं।

ईरान से आने वाले सूखे मेवे और फल

ईरान के सूखे मेवे भारत में बहुत लोकप्रिय हैं। कुल आयात में इनका हिस्सा करीब 29% है।

  • पिस्ता (पिस्ते): ईरान दुनिया का सबसे बड़ा पिस्ता उत्पादक है। भारतीय बाजार में ईरानी पिस्ता अपनी क्वालिटी के लिए मशहूर है। त्योहारों, मिठाइयों और रोजाना खाने में इसका इस्तेमाल होता है।
  • बादाम: ईरानी बादाम भी अच्छी क्वालिटी के आते हैं।
  • खजूर: मीठे और पौष्टिक खजूर ईरान से आते हैं, जो रामजान और अन्य मौकों पर खूब बिकते हैं।
  • सेब और कुछ सब्जियां: ताजा सेब के अलावा कुछ खास तरह की सब्जियां भी भारत पहुंचती हैं।

ये सूखे मेवे न सिर्फ स्वादिष्ट हैं बल्कि पौष्टिक भी। घरों में, होटलों में और मिठाई दुकानों में इनका रोजाना इस्तेमाल होता है। अगर ईरान से आयात प्रभावित हुआ तो इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

दवाइयों और प्लास्टिक उद्योग के लिए केमिकल्स

ईरान से भारत सबसे ज्यादा ऑर्गेनिक केमिकल्स आयात करता है। यह कुल आयात का लगभग 48% हिस्सा है।

ये केमिकल्स भारतीय दवा कंपनियों (फार्मास्यूटिकल्स) के लिए बहुत जरूरी हैं। दवाइयां बनाने में इनका इस्तेमाल होता है। इसके अलावा प्लास्टिक उद्योग भी इन पर निर्भर है।

  • मेथनॉल: कई उद्योगों में इस्तेमाल होने वाला यह केमिकल ईरान से आता है।
  • इनऑर्गेनिक केमिकल्स, रेजिन और अन्य: ये प्लास्टिक, रंग और अन्य सामान बनाने में काम आते हैं।

भारतीय दवा उद्योग दुनिया में बड़ा है और ईरानी केमिकल्स उसकी कच्ची सामग्री का हिस्सा बनते हैं। अगर सप्लाई प्रभावित हुई तो दवाओं की कीमत या उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

निर्माण कार्य और सड़कों के लिए सामग्री

ईरान से कई निर्माण से जुड़ी चीजें भारत आती हैं:

  • बिटुमेन: सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाला यह काला पदार्थ ईरान से आता है। भारत में सड़क निर्माण तेजी से हो रहा है, इसलिए बिटुमेन की मांग ज्यादा है।
  • जिप्सम: सीमेंट और निर्माण उद्योग में इस्तेमाल।
  • पेट्रोलियम कोक: सीमेंट और ऊर्जा उद्योगों में काम आता है।
  • लोहा, स्टील, पत्थर, नमक और सल्फर: ये छोटे-मोटे उद्योगों और निर्माण में इस्तेमाल होते हैं।
  • कांच के सामान और बर्तन: घरेलू इस्तेमाल के लिए कांच की चीजें भी ईरान से आती हैं।

ये सामग्रियां हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में मदद करती हैं।

खेती के लिए खाद और अन्य चीजें

  • फर्टिलाइजर (खाद): भारतीय किसानों के लिए ईरान से आने वाली खाद महत्वपूर्ण है। इससे फसलें अच्छी होती हैं।
  • चमड़ा और अन्य कच्चा माल: छोटे उद्योगों में चमड़े की चीजें बनाने के लिए इस्तेमाल।

अन्य महत्वपूर्ण चीजें

  • सैफ्रन (केसर): ईरानी केसर दुनिया में सबसे अच्छा माना जाता है। भारत में मिठाइयों, दवाओं और खाने में इसका इस्तेमाल होता है।
  • गीला फल और अन्य: कुछ ताजा फल भी आते हैं।
  • हाथ से बने कालीन और हस्तशिल्प: हालांकि ये ज्यादा मात्रा में नहीं, लेकिन ईरानी कालीन भारत में पसंद किए जाते हैं।

भारत ईरान को क्या भेजता है?

दोनों तरफ का व्यापार संतुलित नहीं है। भारत ईरान को मुख्य रूप से बासमती चावल, चाय, चीनी, केला, दवाइयां, मसाले और अन्य कृषि उत्पाद भेजता है। ईरान को भोजन की जरूरतें पूरी करने में भारतीय चावल बहुत मददगार हैं।

इजरायल-ईरान तनाव का भारत पर क्या असर?

जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ता है, तो मध्य पूर्व में शिपिंग रूट प्रभावित होते हैं। इससे सामान आने-जाने में देरी हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। तेल के अलावा सूखे मेवे, केमिकल्स और निर्माण सामग्री की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।

फिर भी, दोनों देश पुराने दोस्त हैं। 1950 से औपचारिक रिश्ते हैं और इंदिरा गांधी के समय से व्यापार को बढ़ावा मिला। चाबहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट दोनों देशों को जोड़ते हैं। प्रतिबंधों के बावजूद व्यापार जारी है।

निष्कर्ष

तेल के अलावा ईरान से भारत को सूखे मेवे, केमिकल्स, बिटुमेन, खाद, केसर जैसी कई जरूरी चीजें मिलती हैं। ये चीजें हमारी रसोई से लेकर फैक्टरियों और खेतों तक पहुंचती हैं। कुल मिलाकर भारत-ईरान व्यापार दोनों देशों के लिए फायदेमंद है।

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