Israel Iran Conflict 2026: मध्य पूर्व का हालात एक बार फिर युद्ध की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया है, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। अब ईरान के समर्थित हूती विद्रोही और हिज्बुल्लाह ने भी मोर्चा खोल दिया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर पर मिसाइल हमला हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
कैसे शुरू हुई ये नई जंग?/Israel Iran Conflict 2026
शनिवार सुबह इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर प्री-एम्प्टिव (पूर्व-निवारक) हमला किया। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा, “हमने ईरान के खतरे को खत्म करने के लिए हमला किया है।” रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला हमला सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के पास हुआ। तेहरान में कई धमाके हुए, धुआं उठता दिखा और शहर के कई इलाकों में विस्फोटों की खबर आई। इजरायल ने आपातकाल घोषित कर दिया, एयरस्पेस बंद कर दिया और लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने को कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान में “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” शुरू कर दिए हैं। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल इंडस्ट्री और नेवी को तबाह कर देंगे।” अमेरिका और इजरायल के हमलों में हवाई और समुद्री दोनों तरीकों से अटैक किया गया। ईरान ने जवाब में “पहली लहर” में इजरायल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन दागे। इजरायल में सायरन बज गए, लोग बंकरों में पहुंचे और कई जगहों पर इंटरसेप्शन हुए।
ईरान के पलटवार में तीन मोर्चे खुल गए
ईरान ने सिर्फ इजरायल पर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी ठिकानों पर भी हमला किया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला हुआ। बहरीन की सरकार ने कन्फर्म किया कि हमला बाहर से हुआ और सायरन बजाए गए। मनामा में धमाके सुने गए, धुआं उठा और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया। अमेरिका ने बहरीन में परिवारों को निकालने की इजाजत दे दी है।
यमन के हूती विद्रोहियों ने घोषणा की कि वे ईरान के समर्थन में लाल सागर में जहाजों पर हमले फिर शुरू करेंगे। हूतियों ने इजरायल और अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी। लेबनान में हिज्बुल्लाह ने भी मोर्चा खोला। वे इजरायल की ओर से हमले कर रहे हैं और ईरान के साथ मिलकर जवाब देने की बात कह रहे हैं। इस तरह इजरायल अब तीन तरफ से घिर गया है – ईरान सीधे, हूती दक्षिण से और हिज्बुल्लाह उत्तर से।
ईरान में क्या हाल है?
तेहरान में धमाकों के बाद एयरस्पेस बंद कर दिया गया। मोबाइल सेवाएं ठप हैं। कुछ रिपोर्ट्स में ईरानी सेना के टॉप कमांडर की मौत की खबर आई है, लेकिन ये अभी कन्फर्म नहीं हुई। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि ये हमला “अपराध” है और वे कड़ी कार्रवाई करेंगे। ईरान ने कहा कि अमेरिकी बेस क्षेत्र में “कमजोर” हैं और वे जवाब देंगे।
इजरायल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इजरायल में पूरे देश में सायरन बज रहे हैं। स्कूल-कॉलेज बंद हैं, पब्लिक इवेंट रद्द हैं और लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है। एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने फ्लाइट्स डायवर्ट कर दीं। दिल्ली-तेल अवीव फ्लाइट मुंबई की ओर मोड़ी गई। भारतीय दूतावास ने इजरायल में रहने वाले भारतीयों को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है।
क्यों पहुंचा मामला इतना आगे?
ये तनाव न्यूक्लियर टॉक्स और ईरान के मिसाइल प्रोग्राम से शुरू हुआ। अमेरिका और इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खतरा मानते हैं। ट्रंप ने डील की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। जून 2025 के हमलों के बाद ये नई escalation है। ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स जैसे हूती और हिज्बुल्लाह पहले से ही सक्रिय हैं।
निष्कर्ष
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कूटनीति नहीं चली तो ये पूरे क्षेत्र में फैल सकता है। खाड़ी देश, अमेरिका और यूरोप सब नजर रखे हुए हैं। तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और शिपिंग रूट प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल हालात बहुत नाजुक हैं। दुनिया की नजरें अब अगले कुछ घंटों पर टिकी हैं कि ईरान और उसके सहयोगी क्या बड़ा कदम उठाते हैं।










