Chinar Women’s Cricket League : दक्षिण कश्मीर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स ने मुख्यालय 2 सेक्टर आरआर के तत्वावधान में चिनार विमेंस क्रिकेट लीग का सफल आयोजन डो़रू शाहाबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम में किया।
दक्षिण कश्मीर की आठ महिला क्रिकेट टीमों ने इस टूर्नामेंट में भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य युवतियों में खेल भावना जगाना और जम्मू-कश्मीर में महिला क्रिकेट को नई दिशा देना था। बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियाँ पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने स्टेडियम पहुँचे।

टूर्नामेंट 14 नवंबर को शुरू हुआ था और बुधवार को भव्य फाइनल मैच के साथ संपन्न हुआ। फाइनल कुलगाम वॉरियर्स और अनंतनाग रेबेल्स के बीच खेला गया। अनंतनाग रेबेल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी और कुलगाम टीम को 15 ओवर में 92 रनों पर रोक दिया। जवाब में अनंतनाग टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य को 13 ओवर में ही हासिल कर लिया और खिताब अपने नाम किया।
समापन समारोह में 19 आरआर के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रोहित रत्न, डीएसपी डो़रू यावर निसार खान, प्रिंसिपल जीडीसी डो़रू इर्फान अहमद, पूर्व अध्यक्ष नगरपालिका समिति डो़रू-वेरीनाग मोहम्मद इक़बाल आहंगर, जेकेवाईएनसी यूथ साउथ के अध्यक्ष फ़िरोज़ अहमद वानी, ज़ोनल फिज़िकल एजुकेशन ऑफिसर बशीर अहमद डार, सीडीपीओ डो़रू फिर्दौसा अख़्तर और 19 आरआर के 2आईसी आई.पी. सिंह भी उपस्थित रहे।
अनंतनाग और कुलगाम की महिला खिलाड़ियों ने इस पहल के लिए भारतीय सेना का आभार जताया और कहा कि ऐसे टूर्नामेंट न केवल उनकी प्रतिभा निखारते हैं बल्कि उन्हें बड़े स्तर पर प्रदर्शन का अवसर भी देते हैं।
खिलाड़ी फैंसी जान ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।” वहीं, अलीज़ा शहनवाज़ ने कहा, “भारतीय सेना का धन्यवाद, जिन्होंने लड़कियों के लिए इस तरह का टूर्नामेंट आयोजित किया। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुझे बेहद खुशी है कि अनंतनाग, पाम्पोर, शोपियां और कुलगाम की लड़कियाँ इसमें भाग ले रही हैं।”
बाद में कर्नल रोहित रत्न ने खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए और युवाओं को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

मीडिया से बातचीत में कर्नल रत्न ने कहा कि खिलाड़ी बनना सिर्फ व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम नहीं होता, बल्कि इसमें समाज की प्रेरणा और सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में और भी अधिक महिला खिलाड़ी आगे आएँगी और देश की आदर्श नागरिक बनेंगी।
उन्होंने कहा, “खेल केवल क्रिकेट खेलने या जुनून दिखाने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को बेहतर व्यक्तित्व बनाने का माध्यम भी है। मैदान में दिखाई देने वाला अनुशासन, टीम वर्क और समर्पण—यही गुण वास्तविक जीवन में सफलता की कुंजी हैं।”










