Udhampur Encounter: जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मजालता के जंगलों में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के बाद शुरू किए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई में दो आतंकियों को मार गिराया गया है। दोनों की पहचान और उनके संगठन से जुड़े विवरण की जांच की जा रही है।
रात करीब नौ बजे बढ़ाई गई घेराबंदी

जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर की रात मजालता के दुर्गम इलाकों में संदिग्ध आतंकियों की आवाजाही का इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। ब्रत्तल सोहन और खुब्बन क्षेत्र में संयुक्त टीमों ने जंगल की घेराबंदी कर संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई। शुरुआती कार्रवाई के बाद इलाके में कुछ समय तक शांति रही, लेकिन बाद में आतंकियों की ओर से गोलीबारी शुरू होने पर मुठभेड़ तेज हो गई।
सेना, CRPF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
ऑपरेशन में भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें शामिल रहीं। सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स के अनुसार, अभियान को ‘ऑपरेशन सोहन’ नाम दिया गया है। चुनौतीपूर्ण मौसम, घने जंगल और खराब दृश्यता के बावजूद सुरक्षाबलों ने इलाके में अभियान जारी रखा। जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बल भी मौके पर भेजा गया।
मुठभेड़ के बाद दो आतंकियों के शव बरामद
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आतंकी किस संगठन से जुड़े थे और इलाके में उनकी मौजूदगी का मकसद क्या था।
जंगल में अभी खत्म नहीं हुआ अभियान
दो आतंकियों के मारे जाने के बावजूद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन समाप्त नहीं किया है। पूरे इलाके में सर्च और कॉम्बिंग अभियान जारी है। जंगलों और आसपास के संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य आतंकी वहां छिपा न हो। सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी भी बढ़ा दी है।
पहचान और नेटवर्क की जांच पर फोकस
अब जांच का अगला चरण मारे गए आतंकियों की पहचान, उनके हथियारों और संभावित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने पर केंद्रित है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि दोनों ने जंगल में किस रास्ते से प्रवेश किया और क्या उनके साथ कोई अन्य सहयोगी भी मौजूद था। फिलहाल मजालता और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।










