Japan Earthquake : जापान में फिर हिली धरती: एक हफ्ते में दूसरा बड़ा भूकंप, 6.7 तीव्रता के झटके, सुनामी की चेतावनी भी

Japan Earthquake : आओमोरी तट पर डर का मंजर, लोग रातों-रात घर से बाहर निकले

Japan Earthquake : जापान एक बार फिर भूकंप के झटकों से थर्रा उठा है। शुक्रवार देर रात उत्तर-पूर्वी जापान के आओमोरी प्रांत के तट से कुछ ही दूर समुद्र में 6.7 मैग्नीट्यूड का जोरदार भूकंप आया। इसके झटके इतने तेज थे कि टोक्यो तक महसूस किए गए। लोग नींद में ही बिस्तर से कूदकर बाहर भागे। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सबसे डराने वाली बात ये है कि ये एक हफ्ते के अंदर जापान का दूसरा बड़ा भूकंप है। अभी कुछ दिन पहले ही 7.5 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और भारी नुकसान हुआ था। अब फिर से इतना बड़ा झटका आने से पूरे देश में डर का माहौल है।

सुनामी की चेतावनी, 1 मीटर तक ऊंची लहरें आने की आशंका

भूकंप आते ही जापान की मौसम एजेंसी JMA (Japan Meteorological Agency) ने तुरंत आओमोरी, इवाते और होक्काइडो के तटीय इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी कर दी। कहा गया कि 1 मीटर तक ऊंची सुनामी की लहरें आ सकती हैं।

लोगों को तुरंत ऊंची जगहों पर जाने और समुद्र तट से दूर रहने को कहा गया। सायरन बजने लगे, टीवी पर लगातार चेतावनी चलती रही। अच्छी बात ये रही कि अभी तक बड़ी सुनामी नहीं आई है, लेकिन छोटी-छोटी लहरें तट से टकराती देखी गई हैं। JMA ने कहा है कि अगले कुछ घंटों तक खतरा बना रहेगा।

एक हफ्ते में दो बड़े भूकंप, वैज्ञानिक भी चिंतित

जापान तो भूकंप का देश है, रोज छोटे-मोटे झटके लगते रहते हैं, लेकिन एक ही हफ्ते में 7.5 और अब 6.7 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आने से वैज्ञानिक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि इस इलाके में टेक्टॉनिक प्लेट्स बहुत तेजी से हिल रही हैं।

पहला 7.5 वाला भूकंप 5 दिसंबर को आया था। उसमें कई घर ढह गए, सड़कें फट गईं और बिजली-पानी सब बंद हो गया था। सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अभी लोग उस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि फिर से इतना बड़ा झटका लग गया।

लोगों में इतना डर कि कई रातें घर के बाहर गुजारी

आओमोरी, मोरीओका, हाचिनोहे जैसे शहरों में लोग रात भर घरों में नहीं सोए। पार्कों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में इकट्ठा होकर रात गुजारी। कई लोग तो गाड़ी में ही सोए। एक बुजुर्ग महिला ने टीवी पर बताया,
“मैंने जिंदगी में इतने भूकंप देखे हैं, लेकिन लगातार दो इतने बड़े झटके… अब डर लगता है घर में सोने को।”

अभी तक कितना नुकसान

शुक्र है कि 6.7 वाले इस भूकंप में अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं आई है। कुछ लोग मामूली चोटों के साथ अस्पताल पहुंचे हैं। कई जगह बिजली गुल हो गई, कुछ पुराने मकान ढह गए, सड़कों पर दरारें आ गईं। ट्रेनें और शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) कुछ घंटों के लिए रोक दी गईं।

लेकिन चिंता ये है कि अगर आफ्टरशॉक्स (बाद के झटके) और आए तो नुकसान बढ़ सकता है। अभी भी हर 10-15 मिनट में छोटे-छोटे झटके महसूस हो रहे हैं।

जापान की तैयारी फिर साबित हुई बेहतरीन

दुनिया जापान से एक बात हमेशा सीखती है – भूकंप आने पर भी कम से कम जान का नुकसान कैसे हो। वजह है:

  • हर घर में इमरजेंसी किट, हेलमेट और टॉर्च रहती है
  • स्कूलों में बचपन से भूकंप ड्रिल होती है
  • हर इमारत भूकंप रोधी बनाई जाती है
  • 2 मिनट पहले ही अलार्म बज जाता है (अर्ली वॉर्निंग सिस्टम)

इसी वजह से इतने बड़े भूकंप के बावजूद अभी तक जानमाल का बहुत कम नुकसान हुआ है।

निष्कर्ष

JMA ने कहा है कि अगले एक हफ्ते तक 6 या उससे ज्यादा तीव्रता के और झटके आ सकते हैं। सरकार ने लोगों से कहा है कि:

  • घर में भारी सामान ऊपर न रखें
  • गैस और बिजली का कनेक्शन चेक करें
  • इमरजेंसी बैग हमेशा तैयार रखें
  • समुद्र तट से दूर रहें

पूरे जापान में लोग अब और सतर्क हो गए हैं। स्कूल-कॉलेज कई जगह बंद कर दिए गए हैं।

ये भूकंप एक बार फिर याद दिलाता है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना छोटा है। जापान जैसे देश में भी, जहां हर चीज की तैयारी होती है, वहां भी लगातार बड़े झटके डर पैदा कर देते हैं।

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