Jeen Mata Festival Ranchi 2026: रांची में जीण माता का भव्य उत्सव: 10-11 जनवरी को 501 निशान यात्रा और शक्ति मंगल पाठ

Jeen Mata Festival Ranchi 2026: आदि शक्ति जीण माता के 16वें वार्षिकोत्सव की तैयारियां पूरी: मारवाड़ी भवन में धूमधाम

Jeen Mata Festival Ranchi 2026: रांची में रहने वाले राजस्थानी और मारवाड़ी समुदाय के लोग हर साल बड़ी श्रद्धा से आदि शक्ति जीण माता का वार्षिकोत्सव मनाते हैं। इस बार 16वां वार्षिकोत्सव 10 और 11 जनवरी 2026 को दो दिनों तक चलेगा। आयोजन श्री जीण माता प्रचार समिति, रांची की ओर से किया जा रहा है और जगह है हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन। यहां भक्ति और उत्साह का अनोखा माहौल बनेगा।

जीण माता कौन हैं और क्यों मनाया जाता है यह उत्सव?/Jeen Mata Festival Ranchi 2026

जीण माता राजस्थान के सीकर जिले में स्थित एक प्राचीन शक्ति पीठ हैं। इन्हें मां दुर्गा का रूप माना जाता है। रांची में रहने वाले कई मारवाड़ी परिवारों की कुलदेवी जीण माता ही हैं। इसलिए हर साल यह उत्सव यहां बड़े धूमधाम से होता है। लोग दूर-दूर से आकर माता के आशीर्वाद लेते हैं। यह उत्सव न केवल धार्मिक है, बल्कि राजस्थानी संस्कृति को भी जीवंत रखता है।

10 जनवरी,भव्य निशान यात्रा का दिन

पहले दिन यानी 10 जनवरी 2026 को मुख्य आकर्षण होगी निशान यात्रा। यह यात्रा दोपहर ठीक 1 बजे सेवा सदन पथ पर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू होगी। शहर का भ्रमण करते हुए यह यात्रा मारवाड़ी भवन पहुंचेगी। इस बार पूरे 501 निशान उठाए जाएंगे। निशान यानी माता को चढ़ाने वाले ध्वज या झंडे। सभी निशान लक्ष्मी नारायण मंदिर से ही बांटे जाएंगे।

यात्रा का संचालन समिति के सदस्य विष्णु सेन और उनके साथी करेंगे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भजन-कीर्तन गूंजेंगे और सैकड़ों भक्त पारंपरिक पोशाक में चलेंगे। मारवाड़ी भवन पहुंचकर सभी निशान माता को अर्पित किए जाएंगे। यह दृश्य बहुत ही भव्य और मनमोहक होता है।

11 जनवरी ,अभिषेक, मंगल पाठ और विशेष अर्पण

दूसरे दिन 11 जनवरी को सुबह 10 बजे कार्यक्रम शुरू होगा। सबसे पहले माता का अभिषेक होगा, जिसे मुख्य संयोजक विजय पालड़ीवाल और सह संयोजक ओम प्रकाश अग्रवाल अपने परिवार के साथ करेंगे। अभिषेक के बाद भगवान गणेश की पूजा होगी।

दोपहर 1 बजे से शक्ति मंगल पाठ शुरू होगा। इसमें करीब 700 महिलाएं शामिल होंगी। सभी महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी पोशाक – घाघरा-चोली और ओढ़नी पहनकर आएंगी। मंगल पाठ का वाचन और भजन गायन जीणधाम से पधारे आनंद जी पाराशर और वर्धा से रिंकू चौबे करेंगे।

दिन भर के विशेष कार्यक्रम

इस दिन जीण जन्मोत्सव, मेहंदी रस्म, 56 भोग का प्रसाद और निशान अर्पण जैसे कई कार्यक्रम होंगे। सबसे बड़ा आकर्षण होगा माता को 51 फीट लंबा गजरा और 181 फीट लंबी चुनड़ी चढ़ाना। ये दोनों चीजें इतनी विशाल और सुंदर होती हैं कि हर कोई देखता रह जाता है। शाम ठीक 8 बजे महाआरती से पूरे उत्सव का समापन होगा। महाआरती में सभी भक्त एक साथ जयकारे लगाएंगे।

कूपन वितरण और शामिल होने की जानकारी

जो भक्त इस उत्सव में हिस्सा लेना चाहते हैं, उनके लिए निशान और मंगल पाठ के कूपन पहले से उपलब्ध हैं। कूपन 5 जनवरी 2026 से मारवाड़ी भवन में दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक बांटे जा रहे हैं। समय पर कूपन ले लें ताकि जगह पक्की हो जाए।

समिति सदस्यों की मेहनत

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्य दिन-रात लगे हुए हैं। अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय पालड़ीवाल, सचिव नारायण विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष बजरंग सोमानी, सह सचिव प्रदीप शर्मा के साथ-साथ संदीप, रमेश, कृष्णा, विनोद, सुरेश, आनंद, घनश्याम, अजय, विनय, गौरव, विशाल और महिलाओं में सुनीता, कविता, शीतल, रितु, ऊषा, संगीता, ज्योति, नीरा, निधि, सविता, नेहा, सुमन, प्रिया आदि सभी पूरा सहयोग दे रहे हैं।

सभी से अपील

रांची और आसपास के लोग इस उत्सव में जरूर आएं। यहां राजस्थानी भजन, नृत्य और रीति-रिवाज देखने को मिलेंगे। माता जीण की कृपा सभी पर बनी रहे।

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