बोकारो थर्मल : बोकारो थर्मल (Bokaro Thermal) में दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) द्वारा बनाए गए रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का प्रस्तावित उद्घाटन 27 फरवरी को टलने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने पूरे प्रकरण पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधूरी प्रक्रियाओं और तकनीकी औपचारिकताओं के बिना किसी भी सार्वजनिक संरचना का उद्घाटन करना जनहित के खिलाफ है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे को वे लोकसभा के बजट सत्र में भी उठाएंगे।
गुणवत्ता जांच और सर्टिफिकेट पर चुप्पी

सांसद ने बताया कि उन्होंने डीवीसी प्रबंधन से कई अहम दस्तावेजों की मांग की थी। इनमें शामिल हैं:
- वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट
- 153 टन लोड टेस्टिंग रिपोर्ट
- क्वालिटी जांच की विस्तृत रिपोर्ट
- 10 वर्षों की देरी के कारणों का ब्यौरा
उनका कहना है कि अब तक डीवीसी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जो भी जानकारी सामने आई, वह आंशिक और स्पष्टता से दूर रही। ऐसे में उद्घाटन की जल्दबाजी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सुरक्षा से समझौते का आरोप
चौधरी ने स्पष्ट कहा कि बिना तकनीकी परीक्षण और प्रमाणपत्र के पुल को जनता के लिए खोलना जोखिम भरा कदम होता। उन्होंने आशंका जताई कि यदि किसी प्रकार की संरचनात्मक खामी रह गई तो उसकी कीमत आम लोग और कामगारों को चुकानी पड़ सकती है। सांसद के अनुसार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
लागत वृद्धि और श्रमिक हितों पर सवाल
आरओबी निर्माण में करीब एक दशक की देरी हुई है। सांसद ने कहा कि इतने लंबे समय में लागत में स्वाभाविक रूप से वृद्धि हुई होगी, जिसकी पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मजदूरों के पीएफ और ईएसआई अंशदान, भुगतान प्रक्रिया और बैंक लेनदेन के अभिलेखों पर भी सवाल खड़े किए। उनके अनुसार, यदि श्रमिकों के अधिकारों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है तो यह गंभीर विषय है।
संवेदक को लाभ पहुंचाने की आशंका
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उद्घाटन की जल्दबाजी के पीछे संवेदक को लाभ पहुंचाने की मंशा हो सकती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि दो बार उद्घाटन की तारीख तय होने के बाद भी प्रक्रिया अधूरी रही, तो तीसरी बार समारोह की तैयारी करने के बजाय तकनीकी खामियों को दूर करना प्राथमिकता होनी चाहिए थी।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र, लोकसभा में गूंजेगा मुद्दा
चौधरी ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा के आगामी बजट सत्र में वे न सिर्फ बोकारो थर्मल आरओबी, बल्कि डीवीसी के अन्य प्रोजेक्ट्स, टेंडर प्रक्रिया के केंद्रीकरण और बड़े ठेकों की उच्चस्तरीय जांच का मुद्दा भी उठाएंगे।
अधूरी प्रक्रिया पूरी कर ही होगा उद्घाटन
सांसद ने साफ किया कि उनका उद्देश्य उद्घाटन रोकना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित और नियमसम्मत बनाना है। सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आरओबी को आम जनता और डीवीसी कर्मियों को समर्पित किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया पूरी होते ही उद्घाटन जल्द कराया जाएगा।










