World Economic Forum Davos 2026 : झारखंड सरकार के उद्योग निदेशालय द्वारा फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा एवं महासचिव रोहित अग्रवाल को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्लूइएफ) की वार्षिक बैठक 2026, दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित होने वाले झारखंड राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने हेतु नामित किया गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं आगामी डब्लूइएफ बैठक में झारखंड चैम्बर की भूमिका, उद्देश्य और अपेक्षित परिणामों की जानकारी साझा करने के उद्देश्य से आज चैम्बर भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
जहां चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि विकसित राज्यों और देशों में सरकार उद्योग-व्यापार को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर झारखंड चैम्बर को प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया है, जो ऐतिहासिक है। यह पहली बार है जब झारखंड के मुख्यमंत्री स्वयं दावोस जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा, क्लाइमेट कंट्रोल, ग्रीन एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी एवं क्रिटिकल मिनरल्स जैसे सनराइज सेक्टर में अग्रणी बनने की क्षमता रखता है। इस पहल से राज्य का बजट आकार, जीडीपी और निवेश संभावनाएँ मजबूत होंगी। यह यात्रा राज्य के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स को इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना अत्यंत गौरव की बात है। कल प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना होगा।
सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि झारखंड गठन के 25 वर्षों में यह पहला अवसर है जब झारखण्ड के उद्योग-व्यवसाय जगत को इस स्तर पर प्रतिनिधित्व मिला है। दावोस में 130 देशों के 3000 वैश्विक लीडर्स, 850 टॉप सीओ के साथ देश के अन्य 10 राज्य भाग लेंगे। फोरम में झारखंड को अलग हैंगर मिलना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखण्ड चैम्बर को सहभागी बनाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि जब राज्य के मुखिया स्वयं उद्योग जगत को साथ लेकर चलते हैं तो निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। यह निर्णय झारखंड के व्यापारियों और उद्यमियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। यह कहा कि यह हमारा सपना था जो अब पूरा हुआ है।
उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि चैम्बर की स्थापना के 65 वर्षों में यह पहला अवसर है जब झारखंड सरकार के साथ वैश्विक मंच पर सहभागिता मिल रही है, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण ने कहा कि दावोस सम्मेलन केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व का भी मंच है। विधायक कल्पना सोरेन द्वारा महिला प्रतिनिधित्व राज्य के लिए गर्व की बात है। कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय, अमित शर्मा, अनिष बुधिया एवं डॉ. अभिषेक रामाधीन ने संयुक्त रूप से कहा कि यह निर्णय झारखंड के लिए ऐतिहासिक है। सरकार के साथ चैम्बर की सहभागिता नई शुरुआत है और इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र देखने को मिलेंगे। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य पूजा ढाढा भी उपस्थित थी।










