Jirwana E-commerce Launch: झारखंड के स्थानीय व्यापार और उद्यमियों को बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म देने की तैयारी जोरों पर है। राजधानी रांची में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां नए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘जीरवाना’ की चर्चा हुई। यह प्लेटफॉर्म झारखंड के छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने का काम करेगा। कार्यक्रम में निवेशकों को जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि यह राज्य का मजबूत ब्रांड बन सके।
रांची के पुराने विधानसभा सभागार में हुआ भव्य आयोजन/Jirwana E-commerce Launch
रांची का पुराना विधानसभा सभागार उस दिन गुलजार हो उठा। जीरवाना ऑनलाइन स्टोर की टीम ने यहां एक बड़ा कार्यक्रम रखा। सैकड़ों लोग आए – उद्यमी, युवा, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता। सबकी नजरें जीरवाना पर टिकी थीं। यह सिर्फ एक बैठक नहीं थी, बल्कि झारखंड की आर्थिक ताकत को डिजिटल दुनिया में ले जाने की शुरुआत थी।

कार्यक्रम की शुरुआत में माहौल काफी उत्साही था। लोग एक-दूसरे से बात कर रहे थे, विचार साझा कर रहे थे। आयोजकों ने सभी का स्वागत किया और जीरवाना के विजन को सबके सामने रखा। पुराना विधानसभा सभागार, जो कभी राजनीतिक चर्चाओं का गवाह रहा है, अब आर्थिक विकास की बातों से गूंज रहा था।
फाउंडर शंभु कुमार ने बताया जीरवाना का सपना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीरवाना के फाउंडर शंभु कुमार ने सबको प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीरवाना कोई साधारण ऑनलाइन स्टोर नहीं है। यह झारखंड के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद ई-कॉमर्स ब्रांड बनाने की कोशिश है। आजकल बड़े-बड़े प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन या फ्लिपकार्ट पर बाहर के व्यापारी छाए रहते हैं, लेकिन झारखंड के लोकल व्यापारियों को मौका कम मिलता है।
शंभु कुमार ने बताया कि जीरवाना का मकसद स्थानीय उद्यमियों, छोटे दुकानदारों और युवाओं को डिजिटल बाजार से जोड़ना है। इससे उन्हें अपने उत्पाद पूरे राज्य और बाहर तक बेचने का आसान रास्ता मिलेगा। लेकिन इतना बड़ा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए पैसों की जरूरत है। इसलिए निवेशकों का साथ बहुत जरूरी है। उन्होंने अपील की कि जो लोग झारखंड के विकास में योगदान देना चाहते हैं, वे आगे आएं।
शंभु कुमार की बातों से सभी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि जीरवाना झारखंड की आर्थिक पहचान बनेगा। यह सिर्फ बिक्री का प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि राज्य के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम है।
मार्च के अंत में होगा आधिकारिक लॉन्च
कार्यक्रम में बड़ी खुशखबरी दी गई कि जीरवाना ई-कॉमर्स पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ मार्च के अंत में होगा। शुरुआत में यह इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर सेक्टर पर फोकस करेगा। ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी के उत्पाद सस्ते और उचित दाम पर मिलेंगे। लोकल विक्रेताओं के सामान को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनका व्यापार बढ़े।
आयोजकों का मानना है कि इससे झारखंड के छोटे व्यापारियों को बड़ा बाजार मिलेगा। वे घर बैठे पूरे राज्य के ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। साथ ही, उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और लोकल उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे। धीरे-धीरे अन्य सेक्टर जैसे कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और लोकल फूड आइटम भी जोड़े जाएंगे।
कोर कमिटी और मौजूद लोगों का उत्साह
कार्यक्रम में जीरवाना की कोर कमिटी के सदस्य भी मौजूद थे। इनमें बसंती मंडल, सदानंद प्रसाद, विक्रांत सागर, प्रणव कुमार और रुपेश कुमार शामिल थे। इन लोगों ने मिलकर जीरवाना को आकार दिया है। वे सबने बताया कि यह पहल कितनी महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा बड़ी संख्या में उद्यमी, युवा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग आए। सबने एक स्वर में कहा कि जीरवाना झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने वादा किया कि इसे सफल बनाने में पूरा सहयोग देंगे। कोई निवेश करने को तैयार था, तो कोई अपने व्यापार को प्लेटफॉर्म पर लाने की बात कर रहा था।
सभागार में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने साफ कर दिया कि जीरवाना को लेकर लोगों में कितना उत्साह है। युवा खासकर खुश थे, क्योंकि इससे उन्हें नई नौकरियां और बिजनेस के मौके मिलेंगे। महिलाएं भी उत्साहित थीं, क्योंकि लोकल हैंडीक्राफ्ट और घरेलू उत्पाद बेचने का अच्छा प्लेटफॉर्म मिलेगा।
निवेशकों की तलाश और भविष्य की उम्मीद
पूरे कार्यक्रम की मुख्य चर्चा निवेशकों को जोड़ने पर रही। जीरवाना को बड़ा बनाने के लिए फंडिंग जरूरी है। सर्वर, ऐप डेवलपमेंट, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स – सबमें पैसा लगेगा। आयोजकों ने कहा कि निवेशक आगे आएं तो जीरवाना जल्दी ही राज्य का नंबर वन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बन सकता है।
लोगों का मानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म से झारखंड की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। छोटे व्यापारी बड़े प्लेटफॉर्म पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। युवाओं को स्टार्टअप के नए आइडिया मिलेंगे। कुल मिलाकर, यह राज्य के डिजिटल विकास की दिशा में बड़ा कदम है।










