Lisa Ray Kasoor Bollywood Exit: 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘कसूर’ ने लिसा रे को रातोंरात स्टार बना दिया था। अफताब शिवदासानी के साथ उनकी जोड़ी और वो थ्रिलर स्टाइल काफी हिट हुआ। लेकिन ‘कसूर’ के बाद लिसा रे बॉलीवुड से लगभग गायब हो गईं। लोग सालों से पूछते रहे कि आखिर क्यों? अब 25 साल बाद (2025-2026 में) लिसा रे ने अपनी किताब, इंटरव्यूज और सोशल मीडिया पर खुलकर बताया कि बॉलीवुड से दूरी बनाने के पीछे क्या वजह थी। ये खुलासा काफी इमोशनल और ईमानदार है, जो दिखाता है कि एक्ट्रेस ने अपनी आजादी और सच्चाई को कितना महत्व दिया।
‘कसूर’ से मिली शोहरत, लेकिन दिल नहीं लगा/Lisa Ray Kasoor Bollywood Exit
‘कसूर’ लिसा रे की बॉलीवुड डेब्यू फिल्म थी। वो कनाडियन बैकग्राउंड से हैं, हिंदी नहीं बोल पाती थीं, इसलिए उनकी आवाज दिव्या दत्ता ने डब की थी। फिर भी उनकी परफॉर्मेंस को काफी तारीफ मिली। फिल्म में वो एक इंडिपेंडेंट वकील का रोल निभाती हैं, जो 2000 के दौर में काफी अलग था। लिसा ने हाल ही में (मार्च 2025 के इंटरव्यू में) कहा कि ‘कसूर’ एक ‘अनफिल्मी’ फिल्म थी – रियलिस्टिक कपड़े, ब्लैक टेलर्ड सूट्स, कोई ग्लैमरस ग्लैम नहीं। लेकिन इसी फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड में एंट्री दी और डीपा मेहता ने ‘बॉलीवुड/हॉलीवुड’ में कास्ट किया।

शुरुआत में सब कुछ अच्छा लग रहा था, लेकिन जल्दी ही लिसा को महसूस हुआ कि बॉलीवुड उनका जगह नहीं है।
बॉलीवुड में फिट नहीं महसूस हुईं – असली वजह यही थी
लिसा रे ने अपनी मेमॉयर ‘Close To The Bone’ (2019) में लिखा और कई इंटरव्यूज में कहा कि वो बॉलीवुड में अपनी फ्रीडम खोना नहीं चाहती थीं। उन्होंने कहा, “मैं किसी बॉलीवुड एक्टर के साथ अपनी आजादी को शैकल (बेड़ियां) नहीं डालना चाहती थी।” मतलब, वो रिलेशनशिप्स या इंडस्ट्री के प्रेशर में फंसना नहीं चाहती थीं।
उन्होंने ये भी बताया कि बॉलीवुड में एक्ट्रेसेस के रोल्स बहुत लिमिटेड थे – ज्यादातर ग्लैमर, रोमांस या आइटम सॉन्ग। लिसा को ऐसे रोल्स नहीं मिले जो उनकी पर्सनैलिटी से मैच करते। वो इंटेलिजेंट, इंडिपेंडेंट और मल्टी-पैशन वाली महिला हैं – स्पोर्ट्स, ड्रामा, राइटिंग, स्पिरिचुअलिटी। बॉलीवुड में उन्हें लगता था कि वो अपनी पूरी पर्सनैलिटी नहीं दिखा पा रही हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैं मल्टी-सिलेबल शब्द इस्तेमाल नहीं कर पाती थी, एक्टिंग में असहज महसूस करती थी, खासकर बॉलीवुड में।”
कैंसर की लड़ाई ने बढ़ाई दूरी
2000 के बाद लिसा ने कुछ फिल्में कीं जैसे ‘वॉटर’, ‘बॉलीवुड/हॉलीवुड’, लेकिन बॉलीवुड मेनस्ट्रीम से दूर रहीं। 2009 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा (एक रेयर ब्लड कैंसर) का पता चला। ये उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। कैंसर के दौरान वो इंडिया में नहीं थीं, लेकिन बाद में वापस आईं और अपनी स्टोरी शेयर की। कैंसर सर्वाइवर बनने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने एक्टिंग को फिर से जिम्मेदारी से लिया, लेकिन ये उनका पैशन नहीं था – ये एक्सीडेंटल था।
2012 में शादी के बाद भी रिलैप्स हुआ, लेकिन वो मजबूत रहीं। कैंसर के बाद वो एक्ट्रेस से ज्यादा एक्टिविस्ट, ऑथर, मॉम, एंटरप्रेन्योर बनीं। 2023 में उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लिया और कहा, “अब तक काफी किया, अब दूसरे पैशन्स फॉलो करूंगी – स्पिरिचुअल पाथ, मदरहुड, राइटिंग, वेलनेस टॉक्स।” उन्होंने डिजिटल आर्ट प्लेटफॉर्म भी शुरू किया।
25 सालों बाद बड़ा खुलासा
2025-2026 में ‘कसूर’ के 24-25 साल पूरे होने पर लिसा ने कई बार पुरानी यादें शेयर कीं। उन्होंने कहा कि ‘कसूर’ ने उन्हें फेम दिया, लेकिन वो फेम उनकी ट्रू सेल्फ नहीं थी। लंदन जाकर उन्होंने सेल्फ-डिस्कवरी की, इंडी फिल्म्स कीं और अपनी असली पर्सनैलिटी को एक्सप्लोर किया। बॉलीवुड को वो “गिल्टी प्लेजर” कहती हैं – मजा आता था, लेकिन फिल नहीं करता था।
उन्होंने कभी रिग्रेट नहीं किया। बल्कि कहा कि इंडस्ट्री छोड़कर वो ज्यादा खुश हैं। आज वो 51 साल की हैं, एक बेटी की मां हैं, किताब लिख रही हैं (दूसरी बुक पर काम चल रहा है), और वेलनेस, कैंसर अवेयरनेस पर काम कर रही हैं।
लिसा रे की जर्नी, इंस्पिरेशनल मैसेज
लिसा रे की स्टोरी बताती है कि फेम और सक्सेस से ज्यादा महत्वपूर्ण है अपनी खुशी और आजादी। बॉलीवुड में रहकर वो कभी पूरी नहीं होतीं, इसलिए उन्होंने दूरियां बनाईं। उनका खुलासा दिखाता है कि इंडस्ट्री के बाहर भी जिंदगी खूबसूरत हो सकती है। आज वो सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, अपनी जर्नी शेयर करती हैं और लोगों को मोटिवेट करती हैं कि अपनी वैल्यूज पर खड़े रहें।










