LPG संकट: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई पूरी सच्चाई
LPG संकट: देश में इन दिनों LPG सिलेंडर को लेकर काफी चर्चा है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में हलचल बढ़ गई है। इससे क्रूड ऑयल और LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है। लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं कि सिलेंडर नहीं मिल रहा, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। लेकिन स
LPG संकट: देश में इन दिनों LPG सिलेंडर को लेकर काफी चर्चा है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में हलचल बढ़ गई है। इससे क्रूड ऑयल और LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है। लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं कि सिलेंडर नहीं मिल रहा, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें – देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है।
पेट्रोलियम, विदेश और शिपिंग मंत्रालयों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों को आश्वासन दिया। आइए सरल भाषा में समझते हैं कि असल में क्या हो रहा है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर क्यों पड़ा?
ईरान पर हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (एक narrow समुद्री रास्ता) प्रभावित हुआ है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG विदेश से आयात करता है, और उसमें से 90% मिडिल ईस्ट से आता है। जब यह रास्ता प्रभावित हुआ तो आयात धीमा पड़ गया।
नतीजा? कमर्शियल LPG (होटल, रेस्टोरेंट, फैक्टरियों में इस्तेमाल होने वाला) की सप्लाई पर असर पड़ा। घरेलू सिलेंडर (रसोई गैस) को प्राथमिकता दी गई, जबकि कमर्शियल यूजर्स को कुछ पाबंदियां लगानी पड़ीं। कई जगहों पर रेस्टोरेंट और होटल मेन्यू कम कर रहे हैं या समय घटा रहे हैं। कुछ छोटे व्यापारियों को परेशानी हो रही है।
सरकार ने साफ किया कि यह कमी असल में सप्लाई की नहीं, बल्कि अफवाहों और पैनिक बाइंग की वजह से ज्यादा दिख रही है।
LPG संकट: घरेलू सिलेंडर की स्थिति क्या है?
सरकार का कहना है कि घरेलू LPG की सप्लाई सामान्य है। देश में 33 करोड़ से ज्यादा घर LPG का इस्तेमाल करते हैं। रिफाइनरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू उपयोग के लिए ज्यादा से ज्यादा LPG बनाएं।
- घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) की कीमत दिल्ली में फिलहाल करीब ₹913 है (पहले ₹853 थी)।
- कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केट में महंगे दाम सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन सरकार ने इसे गलत बताया।
- अस्पतालों, स्कूलों और जरूरी जगहों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बुकिंग न करें और जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध हो, वहां शिफ्ट करें। इससे सिलेंडर की बचत होगी।
कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी?
यहां सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
- कमर्शियल LPG सप्लाई को 70% तक रिस्टोर कर दिया गया है।
- कमर्शियल उपभोक्ताओं को 30,000 टन गैस दी गई है।
- इसके अलावा 30,000 सिलेंडर (5 kg वाले) उपलब्ध कराए गए हैं।
शुरू में सप्लाई काफी कम हो गई थी, लेकिन अब धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। पहले 20% दी गई, फिर 10% बढ़ाई गई, और उसके बाद और 20%। होटल और रेस्टोरेंट वाले अभी भी कुछ परेशानी बता रहे हैं, लेकिन सरकार कह रही है कि स्थिति सुधर रही है।
पेट्रोल और डीजल की क्या स्थिति?
सरकार ने जोर देकर कहा – पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
- देश में 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं, जिनमें 91,000 पब्लिक सेक्टर के हैं।
- स्टॉक 60 दिनों (कुछ जगहों पर 74 दिनों) का उपलब्ध है।
- अगले दो महीनों के लिए सप्लाई पहले से लाइन अप है।
- पेट्रोल पंपों पर लाइनें सिर्फ अफवाहों की वजह से लग रही हैं।
दिल्ली में फिलहाल कीमतें:
- पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर
- डीजल: ₹87.67 प्रति लीटर
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ड्यूटी घटाई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर हर 15 दिन में रेट्स की समीक्षा की जाएगी।
सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए?
- रिफाइनरियों को घरेलू LPG प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए।
- कमर्शियल सप्लाई को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया।
- अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
- शिपिंग मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाजों से LPG लोड करने की व्यवस्था की।
- लोगों से कहा गया कि जरूरत से ज्यादा बुकिंग न करें।
- लॉकडाउन की कोई बात नहीं है – सरकार ने साफ इनकार किया।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे सभी भारतीय नागरिक पिछले 24 घंटों में सुरक्षित हैं।
आम आदमी के लिए क्या मतलब?
- रसोई गैस: ज्यादातर जगहों पर घरेलू सिलेंडर मिल रहा है। अगर नहीं मिल रहा तो लोकल गैस एजेंसी या MyLPG ऐप पर चेक करें। अफवाहों में न आएं।
- होटल-रेस्टोरेंट: कुछ जगहों पर परेशानी है, लेकिन सप्लाई बढ़ रही है। छोटे ढाबे और फूड वेंडर्स को ज्यादा असर पड़ा है।
- कीमत: थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सरकार नजर रख रही है।
- भविष्य: सरकार कह रही है कि स्थिति कंट्रोल में है। लेकिन लंबे समय तक तनाव रहा तो और सावधानी बरतनी पड़ेगी।
क्यों है यह चेतावनी?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है (चीन के बाद)। हम 60% LPG बाहर से लाते हैं। एक छोटा सा समुद्री रास्ता बंद होने से पूरे देश की रसोई प्रभावित हो जाती है। यह घटना हमें सिखाती है कि ऊर्जा सुरक्षा* कितनी जरूरी है।
सरकार को अब घरेलू उत्पादन बढ़ाने, स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और वैकल्पिक आयात स्रोत (जैसे अमेरिका, नॉर्वे) पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। आम लोगों को भी PNG या इंडक्शन जैसे विकल्पों पर विचार करना चाहिए।
निष्कर्ष
अभी घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार का आश्वासन है कि स्टॉक पर्याप्त है और सप्लाई सुधर रही है। लेकिन:
- सिलेंडर बुकिंग करते समय MyLPG ऐप या एजेंसी से कन्फर्म करें।
- अफवाहों पर भरोसा न करें।
- जहां संभव हो, PNG का इस्तेमाल करें।
- पेट्रोल-डीजल की बेकार खपत से बचें।
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