LPG Cylinder Price Hike 2026: देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में हाल ही में बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया है। इससे पहले अप्रैल में भी करीब 50 रुपये बढ़ाए गए थे, यानी एक साल में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। अब दिल्ली में यह सिलेंडर लगभग 913 रुपये का हो गया है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार का कहना है कि भारत में एलपीजी की कीमत पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और श्रीलंका की तुलना में अभी भी कम है। लेकिन आम घरों के लिए यह बढ़ोतरी काफी महंगी साबित हो रही है, खासकर जहां पहले से महंगाई का दबाव है। तेल कंपनियों ने 7 मार्च 2026 को यह बढ़ोतरी लागू की।

25 दिन का इंतजार: नया बुकिंग नियम क्यों लागू हुआ?/LPG Cylinder Price Hike 2026
एलपीजी सिलेंडर बुक करने के नियमों में बड़ा बदलाव आया है। पहले घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। मतलब, पिछले सिलेंडर की डिलीवरी मिलने के कम से कम 25 दिन पूरे होने पर ही आप नया सिलेंडर बुक कर पाएंगे।
यह नियम तुरंत लागू हो गया है और इसका मकसद है जमाखोरी (hoarding) और कालाबाजारी को रोकना। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र से भारत काफी एलपीजी आयात करता है, खासकर कतर और सऊदी अरब से। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे इलाकों में परेशानी से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे देश में डिमांड अचानक बढ़ गई। लोग डर के मारे ज्यादा सिलेंडर बुक करने लगे, जिससे कृत्रिम कमी का खतरा पैदा हो गया।
सरकार और तेल कंपनियां (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम) ने कहा कि आम परिवार साल में 7-8 सिलेंडर इस्तेमाल करता है, जो हर 6 हफ्ते में एक आता है। लेकिन कुछ लोग 15-20 दिन में ही नया बुक कर रहे थे, जो संदिग्ध था। इसलिए 25 दिन का लॉक-इन पीरियड लगाया गया ताकि सप्लाई सब तक बराबर पहुंचे।
कमर्शियल गैस पर गहरा प्रभाव असर, कई जगह सप्लाई रोकी गई
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सिलेंडरों की सप्लाई कई राज्यों में कम या रोक दी गई है। जैसे पंजाब में 8 मार्च से कमर्शियल गैस की डिस्पैच बंद कर दी गई। पुणे, मुंबई, नागपुर, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में नई कमर्शियल सप्लाई फिलहाल नहीं हो रही। इससे रेस्टोरेंट, होटल और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। पुणे में तो एलपीजी से चलने वाले कुछ शमशान घाट बंद हो गए।
डिलीवरी में और सख्ती: ओटीपी और बायोमेट्रिक जरूरी
नए नियमों के साथ डिलीवरी प्रक्रिया भी सख्त हुई है। कई जगहों पर सिलेंडर देने से पहले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इससे गैस का गलत इस्तेमाल या डायवर्शन रोका जा सके।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब?
- घरेलू यूजर्स को अब नया सिलेंडर मिलने में थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन सप्लाई बराबर रहेगी।
- कीमत बढ़ने से हर सिलेंडर पर 60 रुपये ज्यादा खर्च होंगे।
- अगर आपके पास दो सिलेंडर हैं, तो नियम और सख्त हो सकते हैं (कुछ जगह 30 दिन का गैप)।
- पैनिक बाइंग न करें, क्योंकि सरकार कह रही है कि कोई राष्ट्रीय कमी नहीं है, सिर्फ डिमांड ज्यादा होने से संतुलन बिगड़ रहा था।
- रिफाइनरी को ज्यादा उत्पादन के आदेश दिए गए हैं ताकि स्टॉक बढ़े।
क्यों जरूरी थे ये बदलाव?
मिडिल ईस्ट का संकट वैश्विक है, लेकिन भारत ने घरेलू उपभोक्ताओं को बचाने के लिए कदम उठाए। पेट्रोल-डीजल के दाम अभी नहीं बढ़ाए गए, क्योंकि स्टॉक पर्याप्त है। लेकिन एलपीजी पर असर ज्यादा पड़ा क्योंकि यह रोजमर्रा की जरूरत है।










