LPG Cylinder Shortage India: तवा-रोटी को तरस रहे लोग, गांवों में 45 दिन बाद बुकिंग

LPG Cylinder Shortage India: गैस लेने को कतारों में सुबह 4 बजे से खड़े लोग, सिलेंडर नहीं मिल रहा

LPG Cylinder Shortage India: देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने लोगों की रसोई को मुश्किल में डाल दिया है। खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं, कई जगहों पर बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा। गांवों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां 45 दिन बाद बुकिंग का नंबर आता है। इस वजह से आम लोग तवा रोटी जैसी सादी चीजों को भी तरसने लगे हैं।

गैस की कमी क्यों हो रही है?/LPG Cylinder Shortage India

यह समस्या मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध (जैसे ईरान-इजरायल या संबंधित संघर्ष) के कारण है। भारत काफी मात्रा में एलपीजी आयात करता है, और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रास्तों पर दिक्कत आने से सप्लाई प्रभावित हुई है। घरेलू इस्तेमाल के सिलेंडर को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर (जो होटल, रेस्टोरेंट इस्तेमाल करते हैं) की कमी ज्यादा तेज है। इससे कई दुकानें और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीन पर हालात अलग दिख रहे हैं।

आम जनता पर क्या असर पड़ रहा है?

आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई परिवारों में गैस खत्म हो गई, लेकिन नया सिलेंडर नहीं मिल रहा। लोग सुबह 2-4 बजे से कतार में लग जाते हैं, लेकिन एजेंसी पर सिलेंडर नहीं पहुंचता। नोएडा के सेक्टर-5 में लोग बता रहे हैं कि 4 दिनों से लाइन लगाई, लेकिन कुछ नहीं मिला। बुकिंग आईआरएस नंबर से हो जाती है, पर डिलीवरी नहीं।

गांवों में स्थिति और भी बदतर है। वहां बुकिंग का इंतजार 45 दिन तक हो जाता है। लोग चूल्हे पर लकड़ी या कोयला जलाकर खाना बना रहे हैं। तवा रोटी जैसी रोजमर्रा की चीज भी मुश्किल से बन पा रही है। दिल्ली में चाय-पुड़ी वाले परेशान हैं, क्योंकि गैस नहीं मिल रही। मुंबई के एक साउथ इंडियन रेस्टोरेंट में मेन्यू आधा कर दिया गया है। अब चावल कोयले पर, सांभर लकड़ी पर बन रहा है, और इडली मशीन से। ग्राहक भी आधे से कम रह गए हैं।

कालाबाजारी और जमाखोरी का खेल

इस संकट का फायदा उठाकर कुछ लोग कालाबाजारी कर रहे हैं। सिलेंडर ब्लैक में 1500 से 5000 रुपये तक बिक रहा है। सामान्य रेट से 3-4 गुना ज्यादा। उत्तर प्रदेश में 24 एफआईआर दर्ज हुईं और 6 लोग गिरफ्तार हुए। हापुड़ में एक नेता के घर से 55 भरे सिलेंडर बरामद हुए। मध्य प्रदेश के भोपाल और सागर में 47 सिलेंडर जब्त किए गए।

छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने राज्य के 102 ठिकानों पर छापेमारी की और 741 गैस सिलेंडर जब्त किए। मुख्यमंत्री ने बैठक की और कहा कि घरेलू एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त मात्रा है। निगरानी बढ़ा दी गई है।

सरकार क्या कर रही है?

केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू सप्लाई बिना रुकावट चल रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि 5 मार्च से घरेलू एलपीजी उत्पादन 30% बढ़ गया है। पिछले 5 दिनों में 28% बढ़ोतरी हुई। घबराहट में बुकिंग न करें।

कुछ कदम उठाए गए हैं:

  • रिफाइनरी को घरेलू गैस प्राथमिकता देने का आदेश।
  • पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) वाले 60 लाख परिवारों से पीएनजी अपनाने की अपील।
  • कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई का वादा।
  • प्रधानमंत्री ने भी ब्लैक मार्केटर्स को चेतावनी दी कि देश को नुकसान पहुंचाने वालों पर एक्शन होगा।
  • कई राज्यों में हेल्पलाइन शुरू की गई, जैसे बिहार में।
  • 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड अनिवार्य किया गया ताकि अनावश्यक बुकिंग रुके।

निष्कर्ष

सरकार दावा कर रही है कि जल्द ही स्थिति सुधर जाएगी। कुछ एलपीजी की खेप भारत पहुंच रही है। लेकिन फिलहाल लोग परेशान हैं। कई परिवार इंडक्शन स्टोव खरीद रहे हैं, बाजार में इंडक्शन की डिमांड बढ़ गई है। रेस्टोरेंट वाले वैकल्पिक ईंधन जैसे कोयला या लकड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं।

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