Maharashtra liquor Ban 4 Days: महाराष्ट्र में जल्द ही कई महानगरपालिकाओं के चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 13 जनवरी से 16 जनवरी तक कुल 4 दिनों के लिए शराब की बिक्री, खरीद और सेवन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह ड्राई डे महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिका क्षेत्रों में लागू होगा, जहां 15 जनवरी को मतदान होना है। मुंबई, पुणे, ठाणे, नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़ समेत बड़े-बड़े शहर इस रोक के दायरे में आते हैं।
यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि चुनाव के दौरान कोई भी नशे की हालत में गड़बड़ न कर सके। चुनाव आयोग और राज्य सरकार का मानना है कि शराब बंद होने से माहौल शांत रहेगा, लोग बिना किसी प्रभाव के अपना वोट डाल सकेंगे और कोई झगड़ा-झंझट नहीं होगा। आमतौर पर चुनाव के समय ऐसा ही होता है कि कुछ दिन पहले से ही शराब पर रोक लगा दी जाती है।

किन तारीखों पर रहेगा ड्राई डे?/Maharashtra liquor Ban 4 Days
- 13 जनवरी (मंगलवार): शाम 6 बजे से शराब की बिक्री बंद हो जाएगी। मतलब, शाम के बाद कोई भी ठेका, बार या होटल में शराब नहीं मिलेगी। यह चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद की शुरुआत है।
- 14 जनवरी (बुधवार): पूरे दिन ड्राई डे रहेगा। कोई भी जगह शराब नहीं बिकेगी और न ही परोसी जाएगी।
- 15 जनवरी (गुरुवार): मतदान का दिन है। इस दिन भी पूरे दिन शराब पर पूरी रोक रहेगी।
- 16 जनवरी (शुक्रवार): मतगणना का दिन। परिणाम आने तक या शाम तक ड्राई डे जारी रहेगा। कुछ जगहों पर शाम के बाद खुल सकता है, लेकिन सख्ती से लागू होगा।
यह 4 दिन की रोक सिर्फ उन 29 महानगरपालिका क्षेत्रों में है जहां चुनाव हो रहे हैं। बाकी इलाकों में सामान्य नियम लागू रहेंगे। लेकिन बड़े शहरों में ज्यादातर लोग इसी रोक से प्रभावित होंगे।
कौन-कौन सी जगहें प्रभावित होंगी?
इस ड्राई डे में शामिल मुख्य शहर और क्षेत्र इस प्रकार हैं:
- मुंबई (बीएमसी क्षेत्र)
- पुणे महानगरपालिका
- पिंपरी-चिंचवड़
- ठाणे
- नागपुर
- और अन्य 24 महानगरपालिकाएं जहां चुनाव हैं
इन इलाकों में सभी शराब की दुकानें (ठेके), बार, पब, होटल के परमिट रूम, क्लब और रेस्तरां में शराब बेचना या परोसना पूरी तरह बंद रहेगा। अगर कोई उल्लंघन करता है तो पुलिस और आबकारी विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। जुर्माना, लाइसेंस रद्द होना या जेल तक हो सकती है।
क्यों लगाई जाती है ऐसी रोक?
भारत में चुनाव के समय शराब पर रोक लगाना पुरानी परंपरा है। चुनाव आयोग के नियम कहते हैं कि मतदान से पहले और मतदान के दिन नशे की कोई चीज नहीं बेची जानी चाहिए। इससे वोटर पर किसी का दबाव नहीं पड़ता और चुनाव स्वतंत्र रहता है। महाराष्ट्र में पहले भी विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और स्थानीय चुनावों के समय ऐसा ही होता रहा है।
इस बार महानगरपालिका चुनाव में कई पार्टियां जोर-शोर से प्रचार कर रही हैं। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि शराब के कारण कोई विवाद हो या लोग प्रभावित होकर वोट दें। इसलिए 4 दिन की लंबी रोक लगाई गई है।
शराब प्रेमियों के लिए सलाह
अगर आप इन शहरों में रहते हैं और शराब पीने के आदी हैं, तो पहले से प्लानिंग कर लें। 12 जनवरी तक स्टॉक कर लें क्योंकि 13 जनवरी शाम से 4 दिन तक कुछ नहीं मिलेगा। घर पर रखी शराब पी सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जगह पर पीना या ले जाना मना है। पुलिस गश्त बढ़ा देगी और चेकिंग होगी।
यह रोक सिर्फ बिक्री और परोसने पर है। पहले से खरीदी शराब घर में रखकर पी सकते हैं, लेकिन बाहर ले जाना या पार्टी में परोसना जोखिम भरा होगा।
निष्कर्ष
आबकारी विभाग और पुलिस के अधिकारी कह रहे हैं कि यह आदेश सख्ती से लागू किया जाएगा। सभी दुकानदारों को पहले ही सूचना दे दी गई है। अगर कोई दुकान खुली मिली या शराब बेचते पकड़े गए तो लाइसेंस जब्त हो सकता है। चुनाव शांतिपूर्ण होने चाहिए, इसी मकसद से यह कदम उठाया गया है।
महाराष्ट्र में हर साल कई मौकों पर ड्राई डे लगते हैं, जैसे गणतंत्र दिवस, मकर संक्रांति, शिवाजी जयंती आदि। लेकिन यह चुनावी ड्राई डे अलग है क्योंकि 4 दिन लगातार है।










