Ghazipur : मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सपा के 2012-17 शासन पर कसा तंज, बिहार में NDA की जीत का किया दावा

Ghazipur : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में रविवार शाम चार बजे एक क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में पहुंचे राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने राजनीतिक सवालों के जवाब में समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में एनडीए की अप्रत्याशित जीत का दावा किया और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। मंत्री ने कहा कि सपा के 2012 से 2017 तक के शासन में उत्तर प्रदेश में दंगे, हिंसा और लूट जैसी घटनाएं आम हो गई थीं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में बिहार चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में चल रही राजनीतिक उठापटक में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पूरी तरह से साफ हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत वाली एनडीए सरकार बनने जा रही है। “बिहार का विकास केवल नीतीश जी और मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव है। इस बार वोट प्रतिशत में इजाफा ग्राउंड स्तर पर दिखे उत्साह का परिणाम है। सभी वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर मतदान किया, जिससे लोकतंत्र की जीत हुई है,” उन्होंने कहा।

मुस्लिम ध्रुवीकरण के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि वे खुद ग्राउंड पर गए हैं और ऐसी अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं पाते। “हमारा मुस्लिम और पसमांदा समाज अच्छी तरह जानता है कि आरजेडी ने बिहार को जंगलराज की ओर धकेलने का प्रयास किया था। गाजीपुर से सटा बिहार है, इसलिए 2005 के बाद के उस जंगलराज को याद दिलाना चाहूंगा। अंधेरा होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। उत्तर प्रदेश के लोग जब बिहार की सीमा में प्रवेश करते, तो सड़कों की जर्जर हालत देखकर ही कह देते कि ‘बिहार की सीमा शुरू हो गई है’। लेकिन अब नीतीश जी की देखरेख में बिहार समृद्धि की राह पर अग्रसर है। विकास किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, चाहे हिंदू हो या मुसलमान, सबको विकास पसंद है,” उन्होंने जोर देकर कहा।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एक ट्वीट का जिक्र आते ही मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। अखिलेश ने ट्वीट में भाजपा पर पुलिसकर्मियों को अपराधी बनाने का आरोप लगाया था, जिस पर दानिश अंसारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “यह सवाल समाजवादी पार्टी के नेताओं से पूछा जाना चाहिए। 2012 से 2017 तक उनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश दंगों और हिंसा का शिकार रहा। अपराध और लूट की घटनाएं रोजमर्रा की बात बन गई थीं।” उन्होंने विस्तार से बताया कि उस दौर में गुंडागर्दी चरम पर थी। सड़कों पर अचानक हिंसक झड़पें भड़क जातीं, जिसमें संपत्ति का व्यापक नुकसान होता। लुटेरों के गिरोह सक्रिय रहते, जो बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते। फिरौती वसूलना आम प्रथा बन गई थी – व्यापारियों से ‘गुंडा टैक्स’ के नाम पर धमकी देकर पैसे ऐंठे जाते, जिससे कई दुकानें बंद हो गईं या मालिकों को व्यापार छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। गाजीपुर जैसे जिलों में यह समस्या और गंभीर थी। यहां के व्यापारी रातोंरात लूट के भय से दहशत में जीते थे। बाजारों में सन्नाटा छा जाता, क्योंकि कोई भी नया कारोबार शुरू करने से पहले ‘टैक्स’ चुकाना पड़ता, अन्यथा हिंसा का खतरा मंडराता। शिक्षा के क्षेत्र में भी बाधाएं डाली जातीं – स्कूलों और कॉलेजों के रास्ते में गुंडों का आतंक इतना होता कि छात्र-छात्राएं सुरक्षित पहुंच ही नहीं पाते। कुल मिलाकर, वह दौर कानून-व्यवस्था का ऐसा संकट था, जहां आम आदमी की जिंदगी असुरक्षा की छाया में कट रही थी।

अखिलेश यादव के एक अन्य बयान पर, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को ‘चुनावी दूल्हा’ कहा था, मंत्री ने हंसी उड़ाई। उन्होंने कहा, “सपा और तेजस्वी यादव अपनी हार से बौखला चुके हैं। ग्राउंड पर उतरें तो माहौल साफ बता देगा कि जनता ने फैसला सुना दिया है। सपा का हाल ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ जैसा है। तेजस्वी यादव को कोई पूछ ही नहीं रहा, कांग्रेस की रैलियों में सन्नाटा है। बिहार की जनता ने स्पष्ट संकेत दे दिया कि नीतीश जी और मोदी जी की सरकार ही बनेगी।”

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समापन में कहा कि विकास और शांति ही असली राजनीति है, और उत्तर प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजकों ने उनका स्वागत किया, और समारोह युवाओं के बीच उत्साह का केंद्र बना रहा।

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