रायबरेली :“सांसद जी वादा किया था सड़क का, अब क्यों खामोशी?” जर्जर मार्ग पर भड़के ग्रामीण, सांसद से पत्र लिखकर सीधा सवाल

रायबरेली : सदर तहसील क्षेत्र के अमावां ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत की सड़क जो 30 वर्षों से जर्जर है। जिसके लिए लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन ग्रामीणों ने वोट नहीं तो रोड़ नहीं का मुद्दा लेकर बहिष्कार किया था, जिसका मामला अब फिर एक बार गरमा गया है। यह सड़क अब राजनीति का शिकार हो गई है। पक्ष और विपक्ष के

Apr 07, 2026 - 14:37
Updated: 4 months ago
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रायबरेली : सदर तहसील क्षेत्र के अमावां ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत की सड़क जो 30 वर्षों से जर्जर है। जिसके लिए लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन ग्रामीणों ने वोट नहीं तो रोड़ नहीं का मुद्दा लेकर बहिष्कार किया था, जिसका मामला अब फिर एक बार गरमा गया है। यह सड़क अब राजनीति का शिकार हो गई है। पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तनातनी के चलते इस सड़क का कार्य अधर में लटका हुआ है, और प्रधान ने पत्र लिखकर सीधे सांसद से सवाल रखे हैं।

बताते हुए चलें की ग्राम सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर जनाक्रोश तेज हो गया है। फैजाबाद रोड से उसरपुर, गेरखुड़ा, धमधमा मैनुपुर होते हुए कुमारगंज चौराहे तक जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क की हालत इतनी खराब है, कि इस मार्ग से गुजरना अब ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो गया है।

ग्राम प्रधान अजय कुमार यादव (एडवोकेट) ने इस गंभीर समस्या को जिले के सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर सीधे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पत्र में साफ लिखा है कि इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के चलते आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और आवागमन बाधित हो रहा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद किया था। उस समय प्रत्याशी के रूप में सांसद द्वारा मतदान बहिष्कार के बाद मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक धरातल पर कोई काम नजर नहीं आ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव बीतते ही जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से मुंह मोड़ लिया है। सड़क की दुर्दशा के कारण मरीजों, छात्रों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब यह मार्ग पूरी तरह कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है। नेताओं अधिकारियों की मनमानी का दंस यह यहां की जनता झेल रही है। रास्ते में आते जाते कोसते रहते हैं।

ग्राम प्रधान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है,कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो ग्रामीण एक बार फिर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि जनता के सवालों और बढ़ते दबाव के बीच जिम्मेदार जनप्रतिनिधि कब तक चुप्पी साधे रहते हैं और इस जर्जर सड़क को कब राहत मिलती है। ग्रामीण मिश्रा जी ने बताया कि, डीएम के यहां कई बार पत्र दिया गया जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष को बनवाने के लिए डीएम द्वारा निर्देशित किया गया, लेकिन अभी तक राजनीति के चलते जिला पंचायत के अधिकारी फाइनल रिपोर्ट नहीं लग रहे हैं। जबकि सभी आदेशों के पत्र ग्रामीणों के पास है।

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