Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे राज्यसभा के सदस्य बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने वादा किया कि जो भी नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से खबरें चल रही थीं कि नीतीश कुमार अब सीएम पद छोड़कर उच्च सदन की ओर जा सकते हैं। उनके इस ऐलान से बिहार में नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर सियासी गलियारों में जोरदार बहस छिड़ गई है।
नीतीश कुमार का पूरा बयान क्या था?/Nitish Kumar Rajya Sabha
नीतीश कुमार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा कि संसदीय करियर की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के अलावा संसद के ऊपरी और निचले दोनों सदनों के सदस्य बन सकें। इसी इच्छा के क्रम में इस बार होने वाले चुनाव में वे राज्यसभा के सदस्य बनना चाहते हैं।

बिहार की जनता के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से ज्यादा समय तक लोगों ने उन पर भरोसा और समर्थन बनाए रखा है। इसी विश्वास के कारण उन्होंने बिहार और यहां के निवासियों की पूरी ईमानदारी और निष्ठा से सेवा की है। जनता के इसी समर्थन से बिहार ने विकास और सम्मान के नए स्तर हासिल किए हैं।
नीतीश ने आगे कहा, “मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।”
यह पोस्ट 5 मार्च 2026 को सुबह जारी किया गया और जल्द ही वायरल हो गया।
राज्यसभा जाने की तैयारी और नामांकन
खबरों के मुताबिक, नीतीश कुमार आज ही राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। पटना में नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहने वाले हैं। जेडीयू से दो सीटें मिलने की संभावना है, जिसमें एक सीट नीतीश कुमार के लिए आरक्षित हो सकती है। राज्यसभा के ये चुनाव बिहार से 5 सीटों के लिए हो रहे हैं। नीतीश के राज्यसभा जाने का मतलब है कि वे अब सीएम पद से इस्तीफा देंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद वे विधानसभा के सदस्य नहीं रह सकते।
बिहार में नया मुख्यमंत्री कौन?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नई सरकार बनने की पूरी तैयारी है। एनडीए गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है, इसलिए अब बीजेपी का कोई नेता पहली बार बिहार का मुख्यमंत्री बन सकता है। चर्चा है कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी इस पद के मजबूत दावेदार हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि नीतीश के बेटे निशांत कुमार को जेडीयू कोटे से एमएलसी बनाकर डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, ताकि नीतीश का राजनीतिक प्रभाव और EBC वोट बैंक बरकरार रहे। हालांकि, जेडीयू के कई नेता इस बदलाव से सदमे में हैं और नहीं चाहते कि नीतीश सत्ता छोड़ें।
नीतीश का राजनीतिक सफर और विरासत
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने 10 बार सीएम पद की शपथ ली है। पिछले दो दशकों में उन्होंने कई बार गठबंधन बदले – कभी एनडीए के साथ, कभी महागठबंधन में। लेकिन हर बार उन्होंने बिहार की सियासत में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। ‘सुशासन बाबू’ के नाम से मशहूर नीतीश ने बिहार में कानून-व्यवस्था सुधारने, सड़कें बनाने, महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा पर फोकस किया। हाल ही में नवंबर 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिला था, जिसके बाद नीतीश ने 10वीं बार सीएम पद संभाला था।
अब राज्यसभा जाने का फैसला उनके संसदीय जीवन की पुरानी इच्छा को पूरा करने जैसा है। उन्होंने हमेशा कहा है कि वे विधानसभा और लोकसभा के साथ राज्यसभा भी देखना चाहते थे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
आरजेडी ने नीतीश के इस फैसले पर निशाना साधा है। आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बीजेपी ने इतनी जल्दी नीतीश को ‘बर्बाद’ कर दिया। विपक्ष का कहना है कि यह एनडीए के अंदरूनी समझौते का नतीजा है, जिसमें बीजेपी अब बिहार पर पूरा कंट्रोल चाहती है।
निष्कर्ष
नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे बिहार के विकास से दूर नहीं होंगे। उनका मार्गदर्शन नई सरकार को मिलता रहेगा। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की सियासत में नया दौर शुरू करेगा। बीजेपी का सीएम बनना राज्य में नई गतिशीलता ला सकता है। वहीं, जेडीयू कार्यकर्ता नीतीश के फैसले से खुश भी हैं और चिंतित भी, क्योंकि परिवारवाद की चर्चा तेज हो गई है।











Nitis kumar ko janvoojhka parla ment bheja ja raha he taki bjp bihar me rajy kar sake
Jai bhim jai संविधान