Odisha Bank Robbery: ओडिशा के क्योंझर जिले के बड़बिल इलाके में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की एक शाखा से हुई बड़ी डकैती का मामला अब तेजी से सुलझ रहा है। 19 जनवरी 2026 को दिनदहाड़े बैंक में घुसे हथियारबंद बदमाशों ने वहां रखे सोने के गहनों और कुछ नकदी को लूट लिया था। इस लूट की कुल कीमत 5 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। अब ओडिशा पुलिस और झारखंड के धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। धनबाद के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और लूट का कुछ सोना भी बरामद किया गया है।
कैसे हुई थी बैंक में डकैती?/Odisha Bank Robbery
19 जनवरी को बड़बिल स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में सामान्य दिन की तरह काम चल रहा था। अचानक 5-6 बदमाश हथियारों के साथ बैंक में घुस आए। उन्होंने बैंक मैनेजर को बंदूक दिखाकर बंधक बना लिया और बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंच गए। वहां रखे सोने के गहनों के पैकेट और कुछ कैश को लूट लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बदमाशों ने लगभग 3.7 से 6.4 किलोग्राम तक सोने के गहने और करीब 4-8 लाख रुपये नकद लूटे। इस दौरान बैंक में कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं था, जिसकी वजह से बदमाश आसानी से लूट करके भाग निकले। पूरी घटना से इलाके में खलबली मच गई और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।

बैंक में मौजूद लोग और स्टाफ इस घटना से काफी डरे हुए थे। बदमाशों ने हथियारों का इस्तेमाल करके सबको डराया और जल्दी-जल्दी लूट को अंजाम दिया। लूट के बाद वे एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए। ओडिशा पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। जांच में पता चला कि इस डकैती की साजिश काफी प्लानिंग से रची गई थी और इसमें शामिल लोग बाहर के इलाकों से जुड़े हो सकते हैं।
ओडिशा पुलिस ने धनबाद में की छापेमारी
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को सुराग मिले कि लूट का कनेक्शन झारखंड के धनबाद जिले से है। क्योंझर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रत्यूष मोहपात्रा अपनी टीम के साथ धनबाद पहुंचे। पुलिस की टीम ने धनबाद के निराशा और सिंदरी थाना क्षेत्र कई इलाकों में छापेमारी की। शनिवार को बड़ी सफलता मिली जब पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय राज कुमार सिंह (चासनाला, धनबाद निवासी, मूल रूप से बिहार के जमुई का) और 33 वर्षीय कुणाल राज वर्मा (निरसा, धनबाद निवासी) के रूप में हुई है। दोनों पर बैंक डकैती में शामिल होने का आरोप है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने लूट का 288 ग्राम सोना, घटना में इस्तेमाल की गई दो स्कॉर्पियो गाड़ियां और 4 मोबाइल फोन जब्त किए। यह सोना लूटे गए माल का हिस्सा है, जिसकी कीमत करीब 28 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने दी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी
धनबाद पुलिस सभागार में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ओडिशा के एएसपी प्रत्यूष मोहपात्रा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि जांच में धनबाद का कनेक्शन साफ नजर आया तो ओडिशा पुलिस यहां आई। दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर अच्छा काम किया और जल्द ही मामला सुलझा लिया। एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने कहा कि कार्रवाई अभी जारी है। कई जगहों पर और छापेमारी हो रही है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
एएसपी प्रत्यूष मोहपात्रा ने बताया कि बदमाश हथियारबंद थे और उन्होंने मैनेजर को बंदूक दिखाकर बंधक बनाया। लूट को अंजाम देने के बाद वे फरार हो गए थे। अब गिरफ्तारी और बरामदगी से जांच को नई दिशा मिली है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी शामिल लोगों को भी पकड़ा जाएगा।
यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह डकैती इसलिए खास है क्योंकि यह दिनदहाड़े हुई और बैंक में सिक्योरिटी की कमी उजागर हुई। सोने की इतनी बड़ी मात्रा लूटना आसान नहीं होता। बदमाशों ने अच्छी प्लानिंग की थी, लेकिन पुलिस की तेजी से कार्रवाई ने उन्हें पकड़ लिया। ओडिशा और झारखंड पुलिस की यह संयुक्त टीमवर्क की मिसाल है। ऐसे मामलों में दोनों राज्यों की पुलिस का सहयोग बहुत जरूरी होता है क्योंकि अपराधी अक्सर बॉर्डर पार करके छिप जाते हैं।










