Odisha Bans Gutka Pan Masala: ओडिशा सरकार ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन वाले सभी चबाने वाले प्रोडक्ट्स पर पूरी तरह रोक लगा दी है। गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी और ऐसे ही कोई भी खाने वाला प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो, अब बनाना, पैक करना, स्टोर करना, ट्रांसपोर्ट करना, बेचना या बेचने के लिए रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह फैसला लोगों की सेहत को बचाने के लिए लिया गया है, खासकर बच्चों और युवाओं की, क्योंकि ये चीजें मुंह, गले और शरीर के अंदरूनी अंगों में कैंसर जैसी घातक बीमारियां पैदा करती हैं।
यह बैन 21 जनवरी 2026 को हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से जारी नोटिफिकेशन नंबर 2065 के तहत लागू किया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की गाइडलाइंस के मुताबिक उठाया गया है।

किन प्रोडक्ट्स पर लगा बैन? पूरी लिस्ट/Odisha Bans Gutka Pan Masala
बैन सिर्फ गुटखा या पान मसाला तक सीमित नहीं है। इसमें शामिल हैं:
- गुटखा
- पान मसाला (तंबाकू वाला या निकोटीन वाला)
- जर्दा
- खैनी
- कोई भी फ्लेवर्ड, खुशबूदार या मिलावटी चबाने वाला प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन हो
- अलग-अलग पैकेट में बेचे जाने वाले ऐसे प्रोडक्ट्स जो मिलाकर इस्तेमाल किए जाते हैं
- कोई भी फूड प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिलाया गया हो, चाहे नाम कुछ भी हो
यह बैन पैकेज्ड और अनपैकेज्ड दोनों तरह के प्रोडक्ट्स पर लागू है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के मुताबिक, ये चबाने वाले तंबाकू प्रोडक्ट्स इंसानों के लिए कैंसर पैदा करने वाले हैं। ओडिशा सरकार ने इसे गंभीर खतरा मानते हुए यह सख्त कदम उठाया है।
कानूनी आधार क्या है?
यह रोक फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 की धारा 2.3.4 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (प्रोहिबिशन एंड रेस्ट्रिक्शंस ऑन सेल्स) रेगुलेशंस-2011 के तहत लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार ऐसे प्रोडक्ट्स पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि ये फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करते हैं। ओडिशा में पहले भी 2013 में तंबाकू प्रोडक्ट्स की बिक्री पर कुछ रोक थी, लेकिन अब यह नोटिफिकेशन उससे ज्यादा सख्त है और पुराने आदेश को ओवरराइड करता है।
क्यों लिया गया यह फैसला? सेहत पर असर
तंबाकू और निकोटीन वाले प्रोडक्ट्स चबाने से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़ों और पेट की बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ती हैं। ओडिशा में हजारों लोग इन बीमारियों से प्रभावित हैं। खासकर युवा और बच्चे इनकी लत में फंस जाते हैं, क्योंकि ये सस्ते और आसानी से मिल जाते हैं। सरकार का कहना है कि यह बैन न सिर्फ वयस्कों की, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सेहत बचाएगा। अगर लोग इस पर अमल करेंगे, तो राज्य में कैंसर के केस कम होंगे और एक स्वस्थ ओडिशा बनेगा।
सरकार की अपील और क्या होगा आगे
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे इस बैन का सख्ती से पालन करें। दुकानदार, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और आम लोग मिलकर एक तंबाकू-मुक्त ओडिशा बनाने में मदद करें। उल्लंघन करने वालों पर फूड सेफ्टी कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों शामिल हैं।
यह फैसला ओडिशा के लिए एक बड़ा कदम है। कई राज्य पहले ही गुटखा पर बैन लगा चुके हैं, लेकिन ओडिशा ने अब सभी तंबाकू-निकोटीन वाले चबाने वाले प्रोडक्ट्स को कवर कर लिया है। इससे राज्य में तंबाकू की खपत कम होने की उम्मीद है।
अन्य राज्यों में स्थिति और सबक
देश में कई राज्य जैसे बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि में गुटखा पर बैन है, लेकिन कई जगह लीकेज होता है। ओडिशा का यह फैसला पूरे देश के लिए मिसाल बन सकता है। अगर लोग सहयोग करेंगे, तो तंबाकू की लत से जुड़ी बीमारियां कम होंगी और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ भी घटेगा।










