Panipat-Khatima highway accident : उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पानीपत-खटीमा हाईवे पर बाबरी कस्बे के पास एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में कार सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल शामली में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
यह हादसा शुक्रवार की शाम को हुआ। शामली जिले के गांव मालैंडी का रहने वाला अवि निर्वाल अपने चार दोस्तों के साथ कार में मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा था। दोस्तों के नाम हैं – तालाब रोड निवासी ऋषभ संगल, बड़ा बाजार निवासी राघव गोयल, रिषभ भारद्वाज और खरड़ निवासी सोनू खोखर। सभी युवक अच्छे दोस्त थे और साथ घूमने-फिरने का प्लान बनाकर निकले थे। लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा था।

कैसे हुआ हादसा
कार जैसे ही पानीपत-खटीमा हाईवे पर बाबरी के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। अवि निर्वाल, जो कार में आगे बैठा था, मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाकी चारों युवक बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोग और राहगीर हादसे की आवाज सुनकर दौड़े आए। उन्होंने घायलों को कार से बाहर निकाला और एम्बुलेंस बुलाई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को साइड किया और ट्रैफिक को बहाल किया। मृतक अवि निर्वाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, शायद इसी वजह से ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर पाया।
घायलों की हालत और अस्पताल का दौरा
घायल ऋषभ संगल, राघव गोयल, रिषभ भारद्वाज और सोनू खोखर को फौरन जिला अस्पताल शामली में ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की हालत गंभीर है। ऋषभ संगल, राघव और सोनू की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। उनके सिर, छाती और पैरों में गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टर दिन-रात उनका इलाज कर रहे हैं। कुछ घायलों को ज्यादा बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने की भी बात चल रही है।
हादसे की खबर फैलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री और स्थानीय नेता सुरेश राणा जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम जानी और डॉक्टरों से उनकी हालत के बारे में पूछा। सुरेश राणा ने घायलों के परिवारों को सांत्वना दी और कहा कि प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। उनके अस्पताल पहुंचने से घायलों और उनके परिजनों को कुछ हौसला मिला।
परिवारों पर छाया मातम
अवि निर्वाल की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव मालैंडी पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। अवि एक होनहार युवक था, परिवार का इकलौता सहारा। उसके पिता और मां सदमे में हैं। दोस्तों के परिवार भी अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। घायलों के परिजन दिन-रात अस्पताल में डटे हुए हैं, भगवान से उनके ठीक होने की दुआ मांग रहे हैं। गांव वाले भी दुखी हैं और कह रहे हैं कि सड़क हादसे अब बहुत ज्यादा हो रहे हैं।
सड़क हादसों की बढ़ती समस्या
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की कमी को उजागर करता है। पानीपत-खटीमा हाईवे पर ट्रकों की रफ्तार और ओवरटेकिंग की वजह से अक्सर एक्सीडेंट होते रहते हैं। लोग कहते हैं कि हाईवे पर लाइटिंग कम है, साइन बोर्ड नहीं हैं और ट्रक ड्राइवर थकान या नशे में गाड़ी चलाते हैं। सरकार से मांग उठ रही है कि हाईवे पर ज्यादा पुलिस गश्त हो, स्पीड लिमिट सख्ती से लागू की जाए और खराब गाड़ियों पर कार्रवाई हो।
ऐसे हादसे न सिर्फ परिवारों को तोड़ते हैं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देते हैं। युवा पीढ़ी के सपने चंद पलों में खत्म हो जाते हैं। हमें सबको मिलकर सड़क पर सावधानी बरतनी चाहिए – हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, रफ्तार कम रखें और नियमों का पालन करें। तभी ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।










