Parliament Winter Session 2025: 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा सत्र, होंगी 15 बैठकें, विपक्ष और सरकार आमने-सामने

Parliament Winter Session 2025: संसद में बढ़ेगी सियासी गर्मी, महाभियोग से लेकर महंगाई तक इन मुद्दों पर होगी चर्चा

Parliament Winter Session 2025: सर्दी की दस्तक के साथ संसद में भी राजनीतिक तापमान बढ़ने वाला है। भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र (Winter Session) 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju ) ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। इस बार भी सत्र में कई बड़े मुद्दों पर गर्मागर्म बहस और हंगामे की पूरी संभावना है। विपक्ष पहले से ही चुनाव आयोग, महंगाई और रोजगार जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। वहीं सरकार कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की तैयारी में है। तो चलिए जानते हैं इस शीतकालीन सत्र में कौन-कौन से मुद्दे छाए रहेंगे और किन कानूनों पर टकराव देखने को मिल सकता है।

शीतकालीन सत्र का शेड्यूल तय/Parliament Winter Session 2025

संसद का शीतकालीन सत्र (Winter Session) 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 19 दिनों के इस सत्र में 15 बैठकें होंगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि इस दौरान दोनों सदनों, लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) में कई अहम विधेयकों पर चर्चा होगी। सत्र के पहले सप्ताह में सरकार की प्राथमिकता आर्थिक और सामाजिक सुधारों से जुड़े बिलों पर रहेगी। वहीं विपक्ष पहले ही संकेत दे चुका है कि वह संवैधानिक और चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दों पर सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटेगा। पिछले सत्रों की तरह इस बार भी संसद में जोरदार बहस और शोरगुल की स्थिति देखने को मिल सकती है। संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी विभागों को विधायी एजेंडा तैयार रखने का निर्देश दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग की तैयारी

इस सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव हो सकता है। कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party), डीएमके (DMK) और राजद (RJD) सहित आठ विपक्षी दल पहले ही इस पर सहमति जता चुके हैं। राहुल गांधी द्वारा ‘वोट चोरी’ (Vote Chori) के आरोप लगाने के बाद चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच टकराव गहराया था। 17 अगस्त को CEC ने राहुल गांधी से या तो अपने आरोपों का सबूत देने या माफी मांगने को कहा था। इसके बाद I.N.D.I.A. ब्लॉक ने 18 अगस्त को हुई बैठक में निर्णय लिया कि महाभियोग नोटिस शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह प्रस्ताव रखा गया तो संसद में जबरदस्त बहस और हंगामा तय है।

इन मुद्दों पर छिड़ सकती है बड़ी बहस

शीतकालीन सत्र (Winter Session) में विपक्ष सरकार से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति पर जवाब मांग सकता है। हाल ही में पेट्रोल-डीजल और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि ने विपक्ष को एकजुट किया है। कांग्रेस और सपा नेताओं ने पहले ही संकेत दिया है कि वे सरकार से जवाब तलब करेंगे कि महंगाई नियंत्रण पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। विदेश नीति पर भी चर्चा संभव है, खासकर चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव, और पड़ोसी देशों में राजनीतिक हलचलों को लेकर। इसके अलावा किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े सामाजिक-आर्थिक नीतियों पर भी विपक्ष अपनी आवाज बुलंद कर सकता है। सत्र के दौरान इन विषयों पर कई बार कार्यवाही बाधित होने की संभावना जताई जा रही है।

सत्र की कार्यवाही और संभावित विधेयक

संसद का यह सत्र सरकार के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में कुल 15 बैठकें होंगी, जिनमें कई नए विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इनमें सामाजिक सुधार, आर्थिक नीति, और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित बिल शामिल हैं। संसद की कार्यवाही व्यस्त रहने वाली है क्योंकि सरकार अपने लंबित बिलों को पास कराने की कोशिश करेगी। संसदीय सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता इस बार ‘डिजिटल गवर्नेंस’ और ‘इकोनॉमिक रिफॉर्म्स’ पर रहेगी। उधर विपक्ष की कोशिश होगी कि महाभियोग प्रस्ताव और संवैधानिक मुद्दों को केंद्र में रखा जाए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव के ताज़ा नतीजों और राष्ट्रीय माहौल को देखते हुए यह सत्र सियासी दृष्टि से बेहद निर्णायक साबित हो सकता है।

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