PM Modi Oman Visit & Currency Power: पीएम मोदी के ओमान दौरे से फिर चर्चा में ओमानी रियाल, 500 OMR की भारत में चौंकाने वाली वैल्यू

PM Modi Oman Visit & Currency Power: डॉलर से भी ताकतवर ओमानी रियाल, जानिए भारतीय रुपये के मुकाबले क्यों उड़ा देता है होश

PM Modi Oman Visit & Currency Power: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय दौरे पर हैं और इस यात्रा में ओमान (Oman) का नाम आते ही ओमानी रियाल चर्चा के केंद्र में आ गया है। वजह साफ है—दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी में गिनी जाने वाली ओमानी रियाल की वैल्यू भारतीय रुपये (Indian Rupee) के मुकाबले बेहद ज्यादा है। यही कारण है कि ओमान में काम करने वाले भारतीयों की कमाई भारत में कई गुना बढ़ जाती है। पीएम मोदी 17–18 दिसंबर को ओमान दौरे पर रहेंगे और इस बीच करेंसी, प्रवासी भारतीयों और आर्थिक रिश्तों पर भी नजरें टिकी हैं। आखिर ओमानी रियाल इतना मजबूत क्यों है, 500 OMR की भारत में क्या कीमत बनती है और इससे भारतीयों को क्या फायदा होता है- इन सवालों के जवाब जानना जरूरी है। तो चलिए शुरू करते हैं…

पीएम मोदी का ओमान दौरा/PM Modi Oman Visit & Currency Power

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) तीन देशों की यात्रा के तहत जॉर्डन (Jordan), इथियोपिया (Ethiopia) और ओमान (Oman) का दौरा कर रहे हैं। चार दिनों के इस दौरे में 17 और 18 दिसंबर को उनका ओमान प्रवास तय है। ओमान एक मुस्लिम देश होने के साथ-साथ भारत का अहम रणनीतिक और आर्थिक साझेदार भी है। ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी भारतीयों के लिहाज से यह देश भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी पृष्ठभूमि में ओमान की करेंसी ओमानी रियाल (Omani Rial) एक बार फिर सुर्खियों में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 ओमानी रियाल की कीमत करीब 236 भारतीय रुपये है। इसका सीधा मतलब है कि ओमान में कमाई गई रकम भारत में कहीं ज्यादा मजबूत आर्थिक सहारा बन जाती है, जो दोनों देशों के रिश्तों को भी मजबूती देती है।

ओमानी रियाल की असली ताकत

ओमानी रियाल को दुनिया की सबसे मजबूत मुद्राओं में गिना जाता है। इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अमेरिकी डॉलर (US Dollar) से भी ज्यादा मूल्यवान है। मौजूदा दरों के अनुसार 1 ओमानी रियाल लगभग 2.60 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। भारतीय संदर्भ में देखें तो अगर कोई व्यक्ति ओमान में 500 OMR कमाता है, तो भारत में उसकी कीमत करीब 1 लाख 18 हजार रुपये बनती है। यही वजह है कि ओमान में काम करने वाले भारतीय अपने परिवार को बेहतर आर्थिक सहयोग दे पाते हैं। वाइस डॉट कॉम (Vice.com) की रिपोर्ट के अनुसार, यह मजबूत करेंसी ओमान की स्थिर अर्थव्यवस्था और सख्त मौद्रिक नीतियों का नतीजा है, जिसने रियाल को वैश्विक स्तर पर खास पहचान दिलाई है।

ओमानी रियाल क्यों है इतनी मजबूत

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, ओमानी रियाल की मजबूती के पीछे कई ठोस कारण हैं। ओमान (Oman) तेल और प्राकृतिक गैस से भरपूर देश है, जो उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इसके अलावा देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में है और सरकार ने लंबे समय से अपनी करेंसी को अमेरिकी डॉलर से पेग कर रखा है, जिससे अस्थिरता कम रहती है। एक और अहम कारण है ओमान की कम जनसंख्या और ज्यादा प्रति व्यक्ति आय। कम आबादी के बावजूद मजबूत राजस्व होने से सरकार अपनी मुद्रा को स्थिर बनाए रखने में सफल रही है। यही वजह है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद ओमानी रियाल अपनी वैल्यू बनाए रखता है और डॉलर से ऊपर गिनी जाने वाली चुनिंदा मुद्राओं में शामिल है।

ओमान में लाखों भारतीय समुदाय

ओमान (Oman) में भारतीय समुदाय सबसे बड़े प्रवासी समूह के रूप में जाना जाता है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के आंकड़ों के अनुसार, यहां करीब 7 लाख 81 हजार भारतीय रह रहे हैं। ये भारतीय निर्माण, औद्योगिक, सेवा और व्यापारिक क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा आईटी, मेडिकल, शिक्षा और बिजनेस सेक्टर में भी भारतीय पेशेवरों की मजबूत मौजूदगी है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी उच्च शिक्षा के लिए ओमान का रुख कर रहे हैं। पीएम मोदी के दौरे से दोनों देशों के बीच श्रम, व्यापार और निवेश से जुड़े रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। मजबूत करेंसी, स्थिर अर्थव्यवस्था और भारतीयों की बड़ी भागीदारी ओमान को भारत के लिए खास बनाती है।

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