Putin Royal Dinner Chef : राष्ट्रपति भवन में पुतिन के लिए शाही पकवान कौन बनाएगा, जानिए शेफ और सैलरी का राज

Putin Royal Dinner Chef : पुतिन की शाही दावत का मास्टरमाइंड कौन, कितनी सैलरी लेते हैं राष्ट्रपति भवन के शेफ

Putin Royal Dinner Chef : रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) दो दिवसीय भारत (India) दौरे पर राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) पहुंच रहे हैं और उनके स्वागत को लेकर राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में बेहद खास तैयारियां चल रही हैं। इस दौरे का सबसे आकर्षक हिस्सा वह शाही दावत होगी, जिसमें दुनियाभर की नजरें मेहमानों से ज्यादा उस किचन पर टिकी होंगी, जहां से राष्ट्रपति के लिए विशेष व्यंजन तैयार किए जाएंगे। इसी बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वह शेफ कौन हैं जो दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में शुमार पुतिन के लिए खाना बनाएंगे, और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है। साथ ही यह भी दिलचस्प है कि क्या पुतिन वाकई भारतीय शेफ के हाथ का खाना खाएंगे या नहीं? तो चलिए जानते हैं….

राष्ट्रपति भवन की शाही दावत और ऐतिहासिक परंपरा

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के स्वागत में राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में आयोजित होने वाला स्टेट बैनक्वेट हमेशा की तरह बेहद खास माना जा रहा है। भारत आने वाले हर बड़े विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के लिए यहां शाही परंपरा के तहत राजसी आतिथ्य किया जाता है। इस दावत में न सिर्फ भारतीय व्यंजनों की विविधता दिखाई जाती है, बल्कि वैश्विक स्वाद को ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल डिशेज भी परोसी जाती हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) की मेजबानी में होने वाली इस दावत को कूटनीतिक लिहाज से भी बेहद अहम माना जाता है। इस कार्यक्रम के जरिए भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत, खानपान की समृद्ध परंपरा और अतिथि सत्कार की ताकत पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, जिससे यह भोज केवल भोजन नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश बन जाता है।

कौन हैं राष्ट्रपति भवन के शेफ मुकेश कुमार?

राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) की शाही रसोई की कमान इस समय एग्जीक्यूटिव शेफ मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) के हाथों में है। वह जुलाई 2020 से इस प्रतिष्ठित पद पर तैनात हैं और तब से अब तक दर्जनों हाई-प्रोफाइल दावतों का सफल संचालन कर चुके हैं। शेफ मुकेश कुमार न केवल भारतीय पारंपरिक स्वाद में माहिर हैं, बल्कि कॉन्टिनेंटल, एशियन और इंटरनेशनल कुज़ीन पर भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। हर सरकारी दावत के लिए वह खास रिसर्च के साथ मेन्यू तैयार करते हैं, ताकि मेहमान देश की संस्कृति के साथ स्वाद का भी बेजोड़ अनुभव ले सकें। राष्ट्रपति भवन की किचन से निकलने वाली हर डिश में परफेक्शन और सुरक्षा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

कितनी सैलरी लेते हैं शेफ मुकेश कुमार?

राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) के आधिकारिक वेतन ढांचे के अनुसार, एग्जीक्यूटिव शेफ मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) को पे-लेवल 11 के तहत वेतन दिया जाता है। हालांकि सरकार की ओर से उनकी सटीक मासिक सैलरी सार्वजनिक नहीं की जाती, लेकिन उपलब्ध जानकारियों के अनुसार उनकी सालाना कमाई लगभग 9 लाख रुपये से 11 लाख रुपये के बीच बताई जाती है। यह वेतन उनके अनुभव, सेवा अवधि और वार्षिक इंक्रीमेंट पर निर्भर करता है। देश के सबसे बड़े संवैधानिक भवन की किचन संभालना केवल एक नौकरी नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसमें हर डिश राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़ी होती है। यही वजह है कि इस पद पर केवल बेहद अनुभवी और भरोसेमंद शेफ को ही नियुक्त किया जाता है।

पुतिन भारतीय शेफ का खाना खाएंगे या नहीं?

भले ही राष्ट्रपति भवन में शाही दावत की तैयारी हो रही हो, लेकिन यह लगभग तय माना जा रहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भारतीय शेफ के हाथ का खाना नहीं खाएंगे। उनकी सुरक्षा एजेंसी एफएसओ (FSO) विदेश यात्राओं में खाने को लेकर बेहद सतर्क रहती है। वर्ष 2001 से पुतिन के हर विदेशी दौरे में एक पोर्टेबल फूड लैबोरेट्री साथ जाती है, जहां हर डिश का केमिकल टेस्ट किया जाता है। इससे पहले 2014 में मुंबई (Mumbai) के ताज होटल (Taj Hotel) में भी यही व्यवस्था की गई थी। वहीं 5 दिसंबर को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत, इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) से मुलाकात, राजघाट (Rajghat) पर श्रद्धांजलि और हैदराबाद हाउस (Hyderabad House) में 23वां भारत-रूस शिखर सम्मेलन उनका प्रमुख कार्यक्रम रहेगा।

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