उत्तर प्रदेश के रायबरेली ( Raebareli ) जिले में भूमि माफिया और दबंगों के अवैध कब्जों के खिलाफ एक अधिवक्ता ने जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के सामने धरना दे दिया है। जिला प्रशासन द्वारा गठित एंटी भू-माफिया टीम की कथित निष्क्रियता से तंग आकर अधिवक्ता राजेश यादव ने दोपहर करीब 1:00 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम ( DM ) ऑफिस के ठीक सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि स्थानीय दबंगों द्वारा सरकारी और निजी भूमियों पर बिना किसी रोक-टोक के कब्जे किए जा रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी इस पर आंखें मूंदे हुए हैं।
अधिवक्ता राजेश यादव, जो रायबरेली बार एसोसिएशन से जुड़े हैं, ने बताया कि यह धरना केवल उनके व्यक्तिगत मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले की सैकड़ों भूमि विवादों का प्रतीक है। “मैंने एसडीएम सदर कार्यालय, तहसील स्तर पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दबंगों द्वारा मेरी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, और अगर मैं गलत हूं तो मुझ पर भी सख्त कार्रवाई हो। लेकिन सच्चाई सामने लाने के लिए यह धरना जरूरी था,” यादव ने धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की एंटी भू-माफिया यूनिट, जो मई 2024 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित की गई थी, पूरी तरह निष्क्रिय है। “यह टीम नाममात्र की है; न तो कोई जांच होती है और न ही दबंगों पर कोई अंकुश लगता है। नतीजा यह है कि गरीब किसान और आम आदमी अपनी जमीन खोने को मजबूर हैं।”

घटना की पृष्ठभूमि में, रायबरेली जिला लंबे समय से भूमि विवादों का केंद्र रहा है। जिले की उपजाऊ भूमि और राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट होने के कारण यहां दबंगों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में ही दर्जनों शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से अधिकांश में एसडीएम सदर, सीओ सलोन और तहसीलदारों को नामजद किया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में करीब 500 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हो चुके हैं, जो मुख्य रूप से प्रभावशाली परिवारों के कब्जे में हैं। अधिवक्ता यादव ने दावा किया कि उनका केस भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है, जहां एक दबंग परिवार ने उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और प्रशासनिक मशीनरी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
धरने की शुरुआत के साथ ही परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसपी रायबरेली ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन धरनाकारियों पर नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि सूत्रों के अनुसार डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता यादव ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटों के अंदर उनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे अन्य प्रभावित किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
यह घटना उत्तर प्रदेश में भूमि सुधारों की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एंटी भू-माफिया अभियान को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर पारदर्शी जांच तंत्र और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल, धरना जारी है और स्थानीय लोग इसकी सफलता की कामना कर रहे हैं।










