रायबरेली: सदर तहसील क्षेत्र के बरखापुर गांव में कब्रिस्तान की जमीन के नाम पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि तहसील प्रशासन ने अन्य निर्माणों को छोड़ते हुए केवल एक ही परिवार के मकान पर कार्रवाई कर उसे जेसीबी से गिरा दिया, जिससे पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर पीड़ितों ने जिला प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार 23 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 9 बजे बरखापुर निवासी अनूप और रोहित ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर सदर तहसील प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कब्रिस्तान की जमीन बताकर उनका निर्माण ध्वस्त कर दिया, जबकि उसी क्षेत्र में कई अन्य लोगों के मकान और निर्माण वर्षों से बने हुए हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ितों का कहना है कि उनका परिवार लंबे समय से उक्त स्थान पर काबिज है और बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस या सुनवाई के तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी से उनका निर्माण गिरा दिया गया। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह फर्जी और मनमानी तरीके से की गई है।
अनूप और रोहित ने सवाल उठाया कि यदि जमीन वास्तव में कब्रिस्तान की है, तो वहां बने अन्य मकानों और निर्माणों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। केवल एक ही परिवार को निशाना बनाना प्रशासन की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चयनात्मक कार्रवाई से प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि वे जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। उनका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे उच्च स्तर तक अपनी आवाज उठाएंगे।
फिलहाल इस घटना के बाद सदर तहसील प्रशासन की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है और ग्रामीणों के बीच भी कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच पर टिकी हैं।










