Raebareli News : वर्ष के समापन पर बुजुर्गों का आशीर्वाद, सेवा संकल्प को मिली नई ऊर्जा

बुजुर्गों के चरणों में नववर्ष का प्रणाम, मातृभूमि सेवा मिशन ने शुरू की सांस्कृतिक पहल; सेवा, संस्कार और संवेदना के साथ विदा हुआ वर्ष—बुजुर्ग सम्मान बना प्रेरणा

Raebareli : भारतीय संस्कृति की आत्मा सेवा में श्रद्धा और वरिष्ठों में देवत्व—को साकार करते हुए वर्ष 2025 के समापन और नववर्ष 2026 के स्वागत अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन, रायबरेली इकाई द्वारा जिले में ‘बुजुर्ग सम्मान अभियान’ का आयोजन किया गया। अभियान के तहत मिशन की टीम ने चयनित बुजुर्गों के आवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और उनके आशीर्वाद से नववर्ष को मंगलमय बनाने का संकल्प लिया। अभियान की अगुवाई कर रहे डॉ. संतलाल ने कहा कि बुजुर्ग समाज की जीवित चेतना हैं, जिनके अनुभव में जीवन का शास्त्र छिपा है। नववर्ष का सबसे पवित्र आरंभ उनके चरणों में नमन से ही संभव है। अभियान के दौरान मिशन से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्यों ने 80 वर्ष से अधिक आयु एवं शतायु की ओर अग्रसर बुजुर्ग महिला-पुरुषों को स्मृति-चित्र, शाल, मिष्ठान, प्रतीकात्मक पटका एवं वूलन कैप भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आत्मीय भाव से आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इस अभियान में एस.के. सिंह (शिवाजी नगर, 88 वर्ष), डॉ. भुवनेश्वरी तिवारी (बेलीगंज, 84 वर्ष), कृष्ण कुमार पांडेय (पांडेय कोठी, 81 वर्ष), साहित्यकार प्रमोद शंकर शुक्ला (प्रभु टाउन, 88 वर्ष), चंद्रकली (मुंशीगंज, 105 वर्ष), गायत्री देवी (मानक रोड, 88 वर्ष) तथा रामप्यारी 95 वर्ष (ग्राम गोठाव, राही ब्लॉक) को सम्मानित किया गया। अभियान की विशेषता यह रही कि किसी मंचीय औपचारिकता के बजाय सीधे बुजुर्गों के घर पहुंचकर संवेदना और श्रद्धा के साथ सम्मान किया गया। प्रभु टाउन निवासी वरिष्ठ साहित्यकार प्रमोद शंकर शुक्ला सम्मान पाकर भावविभोर होते भावुक हो गए उन्होंने कहा कि मातृभूमि सेवा मिशन ने यह सिद्ध किया कि संस्कार आज भी जीवित हैं और यही समाज की असली पूंजी है।

साहित्यकार डॉ. भुवनेश्वरी तिवारी ने कहा कि यह सम्मान नहीं, पीढ़ियों को जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु है—जिसने मन को छू लिया। वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण कुमार पांडेय ने कहा कि जब सेवा में श्रद्धा हो, तो समाज स्वयं दिशा पा लेता है—यह अभियान उसी का उदाहरण है। अभियान के समापन पर मातृभूमि सेवा मिशन, रायबरेली इकाई के संयोजक प्रदीप पांडेय ने कहा कि यह अभियान केवल बुजुर्गों के सम्मान का नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आत्मा के पुनर्जागरण का प्रयास है। बुजुर्गों का आशीर्वाद ही हमारे लिए नववर्ष की सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा है।

इस पुण्य अभियान में डॉ. संतलाल, महेंद्र अग्रवाल, रामराज गिरी, देवेंद्र नाथ मिश्रा, योगेंद्र मिश्रा, रामानुज मिश्रा, भगवत प्रताप सिंह, पंकज प्रजापति सहित मिशन की टीम की सक्रिय सहभागिता रही, जिसे सभी ने सराहा।

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