Raebareli Codeine Syrup Arrest:रायबरेली में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड दिवाकर सिंह गिरफ्तार

Raebareli Codeine Syrup Arrest: कोडीन कफ सिरप तस्करी में पुलिस की बड़ी कामयाबी,अजय फार्मा मालिक धराया

Raebareli Codeine Syrup Arrest: उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस और औषधि विभाग की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में रायबरेली पुलिस ने एक बड़ा सफलता हासिल की है। कोडीन युक्त कफ सिरप के बड़े अवैध नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड और अजय फार्मा के मालिक दिवाकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी मिल एरिया थाने की पुलिस ने लंबी जांच के बाद की है।

मामला कैसे सामने आया/Raebareli Codeine Syrup Arrest

यह पूरा मामला कुछ महीने पहले तब शुरू हुआ जब ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने अवैध कोडीन सिरप के कारोबार की शिकायत की। शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच शुरू हुई। जांच में पता चला कि रायबरेली की अजय फार्मा ने लखनऊ की एक कंपनी से पिछले एक साल में लाखों की संख्या में कोडीन वाली कफ सिरप की बोतलें खरीदी थीं। अलग-अलग रिपोर्ट्स में यह संख्या 1.4 लाख से 1.75 लाख बोतलों तक बताई जा रही है।

ये बोतलें अवैध तरीके से सप्लाई की जा रही थीं, जिससे नशे का कारोबार चल रहा था। कई जगहों पर बंद पड़ी दुकानों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर यह खेल किया जा रहा था। जैसे उन्नाव की एक दुकान जो साल भर से बंद है, उसके नाम पर भी बिल काटे गए थे।

अजय फार्मा पहले ही सील, अब मालिक गिरफ्तार

जांच के शुरुआती दौर में ही अजय फार्मा को सील कर दिया गया था। दुकान कल्लू का पुरवा इलाके में है। अब पुलिस ने फार्मा के संचालक दिवाकर सिंह को पकड़ लिया है। मुकदमे में एक और आरोपी प्रियांशू है, जो मेडिसिन हाउस चलाता है। वह अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस का कहना है कि दिवाकर सिंह इस नेटवर्क का मुख्य सरगना था। वह बड़ी मात्रा में सिरप खरीदकर अवैध रूप से बेचता था, जिससे करोड़ों का काला कारोबार चल रहा था।

पुलिस अब बैंक खातों की जांच कर रही

गिरफ्तारी के बाद पुलिस दिवाकर सिंह के बैंक अकाउंट्स की गहराई से जांच कर रही है। सभी ट्रांजेक्शन की डिटेल निकाली जा रही है। यह देखा जा रहा है कि पैसा कहां-कहां गया और इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हैं। जांच अधिकारियों को लगता है कि पर्दे के पीछे कई और बड़े नाम हो सकते हैं। उनकी भूमिका की भी पड़ताल हो रही है।

यूपी में कोडीन सिरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क

यह मामला सिर्फ रायबरेली तक सीमित नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का बड़ा सिंडिकेट चल रहा है। कई जिलों जैसे लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र, सहारनपुर और अन्य में छापे मारकर लाखों बोतलें जब्त की गई हैं। अब तक सैकड़ों एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और दर्जनों लोग गिरफ्तार हुए हैं।

कोडीन एक नशीला पदार्थ है, जो कफ सिरप में मिलाकर नशे के लिए इस्तेमाल होता है। यह सिरप फर्जी फर्मों के जरिए खरीदा जाता है और फिर बांग्लादेश, नेपाल जैसे देशों तक तस्करी की जाती है। हाल में ईडी ने भी इस मामले में कई ठिकानों पर छापे मारे हैं।

रायबरेली में यह कार्रवाई राज्य स्तर पर चल रहे अभियान का हिस्सा है। योगी सरकार ने नशीले पदार्थों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। औषधि विभाग और पुलिस मिलकर सघन जांच कर रहे हैं।

निष्कर्ष

कोडीन वाली कफ सिरप का दुरुपयोग खासकर युवाओं में बढ़ रहा है। सस्ते नशे के चक्कर में कई लोग इसकी लत में पड़ जाते हैं। इससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान होता है और कई मामलों में मौत भी हो जाती है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कारोबारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने के लिए छापेमारी और गिरफ्तारियां जारी रहेंगी।

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