रायबरेली : रायबरेली (Raebareli) जिले में बांदा-बहराइच हाईवे (NH-731) पर स्थित गेगासो गंगापुल पिछले चार महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ा है। जुलाई-अगस्त में आई बाढ़ के दौरान पुल का एक हिस्सा बह जाने के बाद से यह पुल वाहनों के लिए खतरनाक बना हुआ है। पिछले एक महीने से पुल की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग पूरी तरह बेपरवाह हैं।
सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति, गड्ढों में दौड़ रही मौत

निर्माण कार्य के दौरान पुल के ऊपरी हिस्से पर कई जगह गहरी खुदाई की गई है। इन गड्ढों को न तो भरने की कोशिश की गई और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम किया गया।
- न रेडियम टेप लगाए गए
- न चेतावनी बोर्ड या साइनेज लगाए गए
- न ही रात में लाइट की कोई व्यवस्था
- डायवर्जन तक नहीं बनाया गया
रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहन इन खुले गड्ढों में गिर रहे हैं, तो दिन में अचानक ब्रेक लगने से बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। पिछले 15 दिनों में ही इस स्थान पर दर्जनों छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
ताजा हादसा: हरिओम गंभीर रूप से घायल
शनिवार देर रात करीब 11 बजे बाइक सवार हरिओम निवासी ग्राम लालूपुर (ब्लॉक डलमऊ) गेगासो गंगापुल के ऊपर से गुजर रहे थे। अचानक सामने आए खुले गड्ढे को देखकर उन्होंने ब्रेक लगाया, लेकिन बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हरिओम का सिर सड़क पर लगा और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें किसी तरह अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन मौन
क्षेत्रीय ग्रामीणों और रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम भी कर दिए जाते तो इतने हादसे न होते। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक यह लापरवाही चलती रहेगी और कब तक निर्दोष लोगों की जान जोखिम में रहेगी?
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो वे हाईवे जाम करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल गेगासो गंगापुल एक बार फिर मौत का पुल बन चुका है और हर गुजरते दिन के साथ हादसों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।










