Raebareli : झंझरा गांव में दलितों के कब्रिस्तान पर दबंगों का अवैध कब्जा, महिलाओं ने DM कार्यालय पहुंचकर की कार्रवाई की मांग

Raebareli : रायबरेली जिला के सदर तहसील के अंतर्गत रुस्तमपुर विकास खंड के झंझरा गांव में दलित समाज के कब्रिस्तान की जमीन पर दबंग तत्वों द्वारा अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। लगभग एक बीघा भूमि पर दबंगई के बल पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव के दलित परिवारों के अंतिम संस्कार की जगह तक छीनने का खतरा मंडरा रहा है।

महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा शिकायती पत्र

इस अन्याय के खिलाफ आज दर्जनों ग्रामीण महिलाएं जिला अधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने लिखित शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल जांच, अवैध कब्जा हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि प्रभावशाली लोग दबंगई दिखाकर कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जो न केवल भूमि का मामला है, बल्कि दलित समुदाय की धार्मिक भावनाओं, संस्कृति और अंतिम अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

वर्षों से इस्तेमाल हो रही है कब्रिस्तान की जमीन

झंझरा गांव में सदियों से दलित समाज का कब्रिस्तान इस्तेमाल होता आ रहा है। यह भूमि सामुदायिक रूप से चिह्नित है और अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित है। हाल के दिनों में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने इस पर अवैध कब्जे की कोशिश शुरू की है। ग्रामीणों का कहना है कि दबाव डालकर या धमकियां देकर इस जमीन को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पूरे समुदाय में आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से रखी मांगें

शिकायती पत्र में महिलाओं ने विस्तार से आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व टीम द्वारा तत्काल मौके पर निरीक्षण और पैमाइश कराई जाए। अवैध कब्जा हटाकर जमीन को मुक्त कराया जाए।

एससी-एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में कार्रवाई की मांग

दोषी व्यक्तियों के खिलाफ धारा 147, 447, SC/ST एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। कब्रिस्तान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह मामला दलितों के अधिकारों और भूमि विवादों से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है। प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू होने की संभावना है।

स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यदि कार्रवाई में देरी हुई तो बड़ा आंदोलन छिड़ सकता है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह निष्पक्ष जांच कर जल्द न्याय सुनिश्चित करे, ताकि कमजोर वर्ग के लोगों का विश्वास कायम रहे।

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