Raebareli : सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित DM ऑफिस के सामने नेता विजय विद्रोही की अध्यक्षता में अखिल भारतीय राष्ट्रीय पेंशनर संघ के बैनर तले तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक समन्वय पेंशनर एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों, शिक्षकों और बुजुर्ग पेंशनरों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता विजय विद्रोही ने की, जबकि जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में यह आयोजन संपन्न हुआ।
बता दें कि धरने में 500 से अधिक पेंशनरों ने भाग लिया। सभी ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारे लगाए और सरकार से तत्काल समाधान की गुहार लगाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह धरना-प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा, वित्त विधेयक में पेंशनरों के लिए तिथि के आधार पर होने वाले भेदभाव वाले प्रावधान को पूरी तरह हटाया जाए, केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना में पेंशन पुनरीक्षण तथा अन्य पेंशनरी लाभों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। पेंशन को ‘गैर अंशदाई’ और ‘गैर वित्त पोषित’ बताने वाले क्लॉज को विधेयक से हटाया जाए।

धरने को संबोधित करते हुए नेता विजय विद्रोही ने कहा कि पेंशनरों का यह विशाल प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी जायज मांगें पूरी नहीं कर लेती। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “हमें अपनी मांगों के लिए जलियांवाला बाग कांड की तरह गोली क्यों न खानी पड़े, हम पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शन में विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारी, शिक्षक और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में सरकार से अपील की कि पेंशनरों के साथ भेदभाव बंद किया जाए और उनके हक के लाभ तुरंत दिए जाएं।










