Raebareli police Rescue Missing Mentally ill Youth: रायबरेली के लापता मानसिक रूप से बीमार युवक को पुलिस ने ढूंढ निकाला, परिवार को सौंपा

Raebareli police rescue missing mentally ill youth: इंदिरा नगर चौकी की टीम ने दिखाई मानवीय संवेदना, परिजनों में छाई खुशी

Raebareli police rescue missing mentally ill youth: रायबरेली शहर में पुलिस की मानवीय छवि एक बार फिर चमकी है। कोतवाली नगर क्षेत्र के इंदिरा नगर चौकी की पुलिस ने कई दिनों से लापता चल रहे एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को सकुशल बरामद कर लिया। युवक को चौकी पर लाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया। जैसे ही परिवार वाले अपने बेटे को देखे, उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पूरे परिवार में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई।

यह पूरा मामला 19 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) का है। शाम करीब 5 बजे इंदिरा नगर चौकी प्रभारी की अगुवाई में पुलिस टीम ने युवक को थाना क्षेत्र से ही ढूंढ निकाला। युवक का नाम अंकुर बताया जा रहा है और वह इंदिरा नगर चौकी के आसपास का ही रहने वाला है। अंकुर मानसिक रूप से बीमार है और कई दिनों से घर से गायब था। घर वाले बेहद परेशान थे। वे इधर-उधर ढूंढते फिर रहे थे, लेकिन कोई पता नहीं चल रहा था।

परिजनों ने शिकायत की तो पुलिस ने शुरू की तलाश

परिजनों ने बताया कि अंकुर अचानक घर से निकला और लापता हो गया। वे काफी चिंतित थे क्योंकि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में अकेला कहीं चला जाए तो खतरा रहता है। आखिरकार उन्होंने कोतवाली नगर और इंदिरा नगर चौकी पर जाकर गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई।

चौकी इंचार्ज के निर्देश पर टीम ने तुरंत खोजबीन शुरू कर दी। आसपास के इलाकों में पता किया, लोगों से पूछताछ की और हर संभव जगह पर नजर रखी। पुलिसकर्मियों ने दिन-रात मेहनत की। इसमें खास तौर पर आरक्षी नीलम मिश्रा और आरक्षी सौरभ कुमार की भूमिका सराहनीय रही। अन्य पुलिसकर्मियों ने भी पूरा सहयोग दिया। उनकी लगन और सक्रियता से आखिरकार युवक का सुराग मिल गया।

शाम को मिला सुराग, तुरंत की कार्रवाई

शुक्रवार शाम करीब 5 बजे पुलिस को जानकारी मिली कि अंकुर थाना क्षेत्र में कहीं दिखा है। टीम फौरन मौके पर पहुंची और संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे अंकुर को देखते ही पहचान लिया। वह ठीक-ठाक था, लेकिन थोड़ा घबराया और भटका हुआ लग रहा था। पुलिस ने बड़े प्यार और संभालकर उसे चौकी पर ले आई।

चौकी पर अंकुर को पानी पिलाया गया, कुछ खाने को दिया गया और उसकी हालत देखी गई। फिर तुरंत परिजनों को फोन करके सूचना दी गई। परिवार वाले जैसे ही चौकी पहुंचे, उन्हें अपना बेटा सही-सलामत देखकर गले लगा लिया। मां-बाप की आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे। उन्होंने पुलिस टीम का बार-बार शुक्रिया अदा किया।

परिजनों ने की पुलिस की तारीफ

अंकुर के परिजनों ने कहा, “हम तो उम्मीद छोड़ चुके थे। इतने दिन हो गए थे, कहीं कुछ पता नहीं चल रहा था। पुलिस ने इतनी मेहनत की और हमारे बेटे को ढूंढ निकाला। भगवान पुलिस वालों का भला करे।” उन्होंने चौकी इंचार्ज और पूरी टीम की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की खूब सराहना की। उनका कहना था कि पुलिस ने सिर्फ अपना फर्ज नहीं निभाया, बल्कि एक परिवार को टूटने से बचा लिया।

पुलिस की मानवीय पुलिसिंग की मिसाल

यह घटना रायबरेली पुलिस की मानवीय सोच और सक्रियता का बेहतरीन उदाहरण है। अक्सर लोग पुलिस को सिर्फ अपराधियों को पकड़ने वाली फोर्स समझते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि पुलिस आम लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है। खासकर जब मामला मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति का हो, तो पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। क्योंकि ऐसे लोग खुद अपनी सुरक्षा नहीं कर पाते।

इंदिरा नगर चौकी की टीम ने जिस तरह दिन-रात मेहनत की और युवक को सकुशल बरामद किया, वह काबिले-तारीफ है। क्षेत्र के लोग भी इस कार्रवाई से खुश हैं। उनका कहना है कि ऐसे काम से पुलिस और जनता के बीच का विश्वास और मजबूत होता है।

समाज के लिए संदेश

यह घटना एक बड़ा संदेश भी देती है। अगर घर में कोई मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति है, तो उस पर खास नजर रखनी चाहिए। साथ ही अगर कोई लापता हो जाए तो बिना देर किए पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस आजकल काफी संवेदनशील हो गई है और गुमशुदगी के मामलों में फौरन एक्शन लेती है।

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