Raebareli : गदागंज थाना क्षेत्र के विशुन दासपुर (मजर्रा सुदामापुर) गांव के 32 वर्षीय युवक इंद्रसेन यादव की रविवार को इलाज के लिए इलाहाबाद ले जाते समय रास्ते में ही दर्दनाक मौत हो गई। इंद्रसेन पेशे से शटरिंग मिस्त्री थे और दो दिन पहले निर्माणाधीन मकान की छत पर काम करते वक्त पैर फिसलने से वे करीब 15-20 फीट ऊंचाई से नीचे जा गिरे थे। गंभीर चोटें आने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।
दो दिन पहले हुआ था हादसा

घटना 5 दिसंबर की बताई जा रही है। मुतवल्लीपुर गांव में एक निर्माणाधीन मकान पर इंद्रसेन यादव अपने साथियों के साथ शटरिंग का काम कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक उनका पैर फिसला और वे छत से सीधे नीचे जा गिरे। साथी मजदूरों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला। सिर, कमर और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। खून बह रहा था और वे बेहोश हो चुके थे।
ग्रामीणों व परिजनों ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। लखनऊ में भी हालत नाजुक बनी रही। डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर और आंतरिक रक्तस्राव की बात कही। अंत में इलाहाबाद (प्रयागराज) के बेहतर न्यूरो सेंटर में इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
रास्ते में ही तोड़ा दम
रविवार सुबह परिजन इंद्रसेन को एम्बुलेंस से प्रयागराज ले जा रहे थे। जैसे ही एम्बुलेंस जगतपुर के पास पहुंची, उनकी सांसें थम गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी अर्चना यादव और महज 5 साल का मासूम बेटा अभिनय यादव बार-बार पिता को पुकार रहे थे। घर लौटते ही कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिवार की एकमात्र कमाऊ उम्र चली गई
इंद्रसेन अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी अर्चना और इकलौते 5 साल के बेटे अभिनय के साथ रहते थे। छोटा भाई भी है, लेकिन कमाई का मुख्य सहारा इंद्रसेन ही थे। शटरिंग का काम करके वे परिवार का पेट पालते थे। अचानक हुई मौत से परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इंद्रसेन बहुत मेहनती और हंसमुख स्वभाव के इंसान थे।
पुलिस ने की कार्रवाई
मखदूमपुर चौकी इंचार्ज प्रकाश पांडेय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि युवक की छत से गिरने के कारण गंभीर चोटें आई थीं, जिनके चलते रास्ते में मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए रायबरेली जिला अस्पताल भिजवाया गया है। पंचनामा भरकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल यह दुर्घटना का मामला माना जा रहा है।
निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपकरणों के अभाव में आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। इंद्रसेन की असामयिक मौत ने एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।










