रायबरेली : करीब 15 दिनों पहले कौशल विकास संस्थान में ताला लगने की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी (DM) हर्षिता माथुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और हाल ही में हुई जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि भारत सरकार की कंपनी GAIL India Limited द्वारा संचालित कौशल विकास संस्थान को रायबरेली से हटाकर लखीमपुर खीरी में संचालित करने की तैयारी थी। इतना ही नहीं, संस्थान का सामान भी वहां शिफ्ट किया जा चुका था, जिससे यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 35 से 40 युवाओं के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया था।

बताया जा रहा है कि इस संस्थान में सैकड़ों युवाओं को विभिन्न बड़ी कंपनियों में रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाता था। संस्थान बंद होने से न केवल वर्तमान प्रशिक्षु बल्कि आने वाले सैकड़ों युवाओं के सपनों पर भी असर पड़ने लगा था।
डीएम हर्षिता माथुर ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि उक्त कौशल विकास संस्थान को रायबरेली में ही पूर्व की भांति संचालित किया जाए। इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संस्थान को आईटीआई स्थित दूरभाष नगर परिसर में ही चलाया जाए, ताकि जिले के युवाओं को प्रशिक्षण का लाभ मिलता रहे।
प्रशासन के इस फैसले से जहां युवाओं में खुशी की लहर है, वहीं स्थानीय लोगों ने भी इसे एक सकारात्मक कदम बताया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही संस्थान दोबारा शुरू होगा और जिले के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलना फिर से शुरू हो जाएगा।










