Rajgarh Jail Inspection: डीजी जेल वरुण कपूर ने राजगढ़ जिला जेल का किया निरीक्षण, कैदियों से सीधा संवाद कर सुनी समस्याएं

Rajgarh Jail Inspection: राजगढ़ जेल में बड़ा निरीक्षण, डीजी जेल ने सुनी कैदियों की समस्याएं, दिए सुधार के निर्देश

Rajgarh Jail Inspection: मध्य प्रदेश के जेल विभाग के महानिदेशक (डीजी) डॉ. वरुण कपूर ने शुक्रवार को जिला जेल राजगढ़ का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सभी व्यवस्थाओं को करीब से देखा और कैदियों से बातचीत करके उनकी परेशानियां सुनी। डीजी जेल का यह दौरा जेल सुधार और कैदियों के बेहतर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण में पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी भी साथ थे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर अपनी रिपोर्ट साझा की।

जेल परिसर का गहन निरीक्षण/Rajgarh Jail Inspection

डीजी जेल वरुण कपूर सुबह ही जिला जेल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने जेल के मुख्य द्वार से लेकर बैरकों, किचन, अस्पताल और अन्य हिस्सों का दौरा किया। जेल में साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को उन्होंने खुद चेक किया। जेल अधीक्षक और स्टाफ से बात करके उन्होंने पूछा कि क्या कोई कमी तो नहीं है। डीजी साहब ने साफ कहा कि जेल कोई सजा की जगह नहीं बल्कि सुधार की जगह है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं अच्छी होनी चाहिए।

कैदियों से सीधी बातचीत

निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा कैदियों से संवाद। डीजी जेल ने पुरुष और महिला दोनों कैदियों से अलग-अलग बात की। उन्होंने पूछा – भोजन कैसा मिल रहा है? क्या खाने में कोई कमी है? स्वच्छता ठीक है या नहीं? स्वास्थ्य सेवाएं कैसी हैं? कैदी ने अपनी-अपनी शिकायतें बताईं, जैसे कभी दवाई नहीं मिलती या भोजन में नमक कम होता है। डीजी साहब ने सब ध्यान से सुना और जेल अधीक्षक को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैदियों के मानवीय अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाए और उनकी सेहत व पुनर्वास पर विशेष फोकस किया जाए।

महिला कैदियों और उनके बच्चों की चिंता

डीजी जेल ने महिला वार्ड में विशेष समय बिताया। यहां बंद महिलाओं से उन्होंने उनके अपराध की स्थिति, स्वास्थ्य और भोजन के बारे में विस्तार से पूछा। कई महिला कैदियों के छोटे-छोटे बच्चे भी उनके साथ रहते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई और आने-जाने की समस्या पर डीजी साहब ने गौर किया। उन्होंने जेल अधीक्षक को फौरन निर्देश दिए कि महिला कैदियों के बच्चों के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जाए। इससे बच्चों को स्कूल जाने और रोजमर्रा के कामों में आसानी होगी। डीजी ने कहा कि मां जेल में है तो बच्चे बेकसूर हैं, उनकी देखभाल और शिक्षा का पूरा इंतजाम होना चाहिए। यह निर्देश सुनकर महिला कैदियों के चेहरे पर खुशी झलक आई।

सुरक्षा और अनुशासन पर चर्चा

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी भी मौजूद रहे। एसपी साहब ने डीजी जेल को जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी दी। बाहर की दीवारें, गार्ड की पोस्टिंग, सीसीटीवी कैमरे और अनुशासन के नियमों पर विस्तार से बात हुई। डीजी ने कहा कि जेल में सुरक्षा सबसे ऊपर है, कोई लापरवाही नहीं चलेगी। साथ ही कैदियों के साथ अच्छा व्यवहार भी जरूरी है। एसपी तोलानी ने आश्वासन दिया कि पुलिस जेल प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करेगी।

जेल सुधार की दिशा में बड़ा कदम

यह निरीक्षण सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था। डीजी वरुण कपूर ने साफ कहा कि जेलों में कैदियों का पुनर्वास बहुत जरूरी है। वे अपराध करके आए हैं, लेकिन सुधारकर अच्छे नागरिक बनकर बाहर जाएं, यही उद्देश्य है। खान-पान की गुणवत्ता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जेल स्टाफ को भी कहा गया कि संवेदनशीलता से काम करें।

राजगढ़ जिला जेल में करीब सैकड़ों कैदी बंद हैं। यहां पुरुष, महिला और अंडरट्रायल सभी तरह के कैदी हैं। डीजी का यह दौरा जेल प्रशासन के लिए एक संदेश है कि ऊपर से निगरानी रखी जा रही है। कैदियों ने भी उम्मीद जताई कि अब उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।

निष्कर्ष

डीजी जेल ने जेल अधीक्षक को सभी निर्देशों को जल्द लागू करने को कहा। साथ ही मंथली रिपोर्ट मंगवाई जाएगी कि क्या सुधार हुए। पुलिस और जेल विभाग मिलकर सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे। यह दौरा राजगढ़ जिला जेल के लिए एक नई शुरुआत है, जहां कैदियों के जीवन को बेहतर बनाने की कोशिशें तेज होंगी।

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