Rajrappa Temple : झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी एक श्रद्धालु की लाठी और हाथों से पिटाई करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब एक परिवार पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचा था। घटना का वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
पूजा के लिए पहुंचे परिवार के साथ हुई मारपीट

मिली जानकारी के अनुसार, एक परिवार अपने माता-पिता और बच्चे के साथ रविवार को मंदिर में पूजा करने पहुंचा था। उस समय मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी। बताया जाता है कि पूजा के लिए जल्दी दर्शन करने के प्रयास में परिवार के कुछ सदस्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच से आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालु को परिवार के सामने ही पीटना शुरू कर दिया।
पुजारी ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
मामले को लेकर मंदिर के पुजारी छोटू पंडा ने बताया कि घटना 8 मार्च की है। उनके अनुसार परिवार जल्दबाजी में दर्शन के लिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जो कुछ हुआ वह बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की घटना से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं और इससे मंदिर की छवि पर भी असर पड़ सकता है। इस मामले की शिकायत झारखंड के पुलिस महानिदेशक तक पहुंचा दी गई है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल रहा वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ इस तरह के व्यवहार को अनुचित बता रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन के दौरान संयम बरतना सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी होती है।
एसपी के निर्देश पर दोषी जवान निलंबित
मामले की जानकारी मिलने के बाद रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने तुरंत कार्रवाई की। जांच के बाद चार सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए जवानों में श्यामलाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन शामिल हैं। इसके अलावा गृहरक्षक सिकंदर यादव को भी ड्यूटी से हटा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर अनुशासन जरूरी है, लेकिन किसी भी स्थिति में हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।










