Ramgarh Moneylender Murder : कर्ज के बोझ तले बुझा घर का इकलौता चिराग, मां ने सूदखोरों पर युवक को जहर पिलाकर हत्या का लगाया आरोप

Ramgarh Moneylender Murder : 10% मासिक ब्याज पर लिया कर्ज बना मौत का कारण, रामगढ़ में बेटे की जहर से हत्या, मां ने लगाया आरोप

Ramgarh Moneylender Murder : झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बार फिर कर्ज और सूदखोरों की क्रूरता ने एक मासूम परिवार को तबाह कर दिया। मांडू प्रखंड के सोनडीहा पंचायत अंतर्गत बेलटांड़ टोला के रहने वाले आदित्य जायसवाल (उम्र लगभग 20-25 वर्ष) की मौत हो गई। परिवार का इकलौता बेटा होने के कारण पूरा घर सूना हो गया। मां सुनीता देवी ने आरोप लगाया है कि दो सूदखोरों – रिंकू साव (पिता महेश साव, ग्राम बड़गांव) और संतोष साव (पिता नागेश्वर साव, ग्राम बड़गांव, ओ.पी. वेस्ट बोकारो घाटों टांड़) ने उनके बेटे को जबरन जहर पिलाकर हत्या कर दी। यह सब महज 4.70 लाख रुपये के कर्ज के चक्कर में हुआ, जो तीन साल पहले 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर लिया गया था।

कर्ज की शुरुआत और बढ़ता दबाव

सुनीता देवी ने ओ.पी. वेस्ट बोकारो घाटों थाना प्रभारी को दिए लिखित आवेदन में बताया कि करीब तीन साल पहले उनके परिवार को आर्थिक तंगी के कारण रिंकू साव से 2,80,000 रुपये और संतोष साव से 1,90,000 रुपये कर्ज लिए गए थे। कुल 4,70,000 रुपये। ब्याज की दर 10 प्रतिशत मासिक तय हुई, जो बहुत ज्यादा है। परिवार हर महीने ब्याज भरता रहा, लेकिन मूल राशि कम नहीं हुई।

पिछले दो महीनों से दोनों सूदखोर अचानक दबाव बनाने लगे। वे कहने लगे कि पैसा वापस करो, वरना घर और जमीन हमारे नाम कर दो। मृतक के पिता आलोक जायसवाल ने घर और जमीन की कीमत 22 लाख रुपये बताई, लेकिन दोनों ने कहा कि या तो पूरा पैसा लौटाओ या जमीन इतने ही पैसे में लिख दो। सुनीता देवी का आरोप है कि दोनों बार-बार घर आते, गाली-गलौज करते और जान से मारने की धमकी देते थे।

घटना का दिन, जबरन पकड़कर जहर पिलाया

मामला तब भयानक हो गया जब कल दोपहर करीब 3:15 बजे एसबीआई सारूबेड़ा ब्रांच के पास रिंकू साव और संतोष साव ने आदित्य को जबरन पकड़ लिया। वे पैसा मांगने लगे। जब आदित्य ने कहा कि अभी नहीं दे सकता, तो दोनों ने मिलकर उसे उठा लिया और जबरन जहर पिला दिया। इसके बाद आदित्य को घर छोड़कर भाग गए।

घर पहुंचते ही आदित्य ने परिवार को बताया, रिंकू साव और संतोष साव ने मिलकर मुझे जहर पिला दिया है, इसलिए उल्टी हो रही है। परिवार ने तुरंत उसे रांची रोड स्थित वृंदावन अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने तक आदित्य की सांसें थम चुकी थीं।

सड़क पर शव रखकर जाम, तीन घंटे तक रहा प्रदर्शन

मृतक के शव को परिवार और ग्रामीणों ने सोनडीहा के मेन रोड पर बेलटांड़ टोला के पास रख दिया। दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बंद रहा। आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और गुस्से में नारे लगाने लगे।

सूचना मिलते ही ओ.पी. वेस्ट बोकारो घाटों थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की पूरी जांच होगी। आश्वासन के बाद जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ।

सूदखोरी का खौफनाक चेहरा

यह घटना झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सूदखोरी की समस्या को उजागर करती है। गरीब परिवार अक्सर ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेते हैं और फिर चुकाने में असमर्थ हो जाते हैं। सूदखोर जमीन-घर हड़पने के लिए दबाव बनाते हैं, धमकियां देते हैं। कई मामलों में तो हिंसा तक हो जाती है। यहां भी परिवार ने ब्याज तो दिया, लेकिन मूल राशि के चक्कर में बेटे की जान चली गई।

सुनीता देवी अब अकेली हैं। पति पहले ही नहीं रहे, बेटा भी चला गया। परिवार का कहना है कि अगर पुलिस जल्द कार्रवाई नहीं करती तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

पुलिस की भूमिका और आगे क्या?

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो जहर की पुष्टि करेगी। अगर आरोप साबित हुए तो दोनों पर हत्या का केस चलेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं आम हैं और कई बार सूदखोर प्रभावशाली होने से बच निकलते हैं।

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