India Special Connect in Moscow: मॉस्को में भारतीयों को देख भावुक हुए एस. जयशंकर, सामने आई दिल छू लेने वाली तस्वीरें

India Special Connect in Moscow: रूस में भारतीयों से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, हाथ जोड़कर किया अभिवादन; सोशल मीडिया पर छाईं तस्वीरें

India Special Connect in Moscow: मॉस्को (Moscow) में चल रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) एक अलग ही अंदाज़ में नजर आए। राजनयिक बैठकों, सुरक्षा एजेंडा और कूटनीतिक चर्चाओं के बीच जब वह भारतीय मूल के लोगों से मिले, तो माहौल पूरी तरह भावनात्मक हो उठा। हाथ जोड़कर अभिवादन करते, मुस्कुराते हुए बातचीत करते और भारतीय नागरिकों से ऑटोग्राफ लेते जयशंकर की कई तस्वीरें तेजी से चर्चा में हैं। विदेश में ‘अपने लोगों’ से हुई यह मुलाकात न केवल उनके सॉफ्ट-डिप्लोमेसी अंदाज़ को दिखाती है बल्कि भारत-रूस संबंधों के बीच मानवीय जुड़ाव को भी मजबूत करती है। उनकी यह यात्रा आतंकवाद पर कड़े संदेश और अहम वैश्विक बैठकों के कारण भी खास रही है।

मॉस्को में SCO बैठक और जयशंकर की अहम मौजूदगी/India Special Connect in Moscow

मॉस्को (Moscow) में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक इस बार भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) यहां बहुपक्षीय वार्ताओं में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां उनका एजेंडा सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग पर केंद्रित था। यात्रा के दौरान जयशंकर की मुलाकात कतर के प्रधानमंत्री, मंगोलिया के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से निर्धारित बैठकों के तहत हुई। इन मुलाकातों में व्यापारिक सहयोग, ऊर्जा संबंध और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अहम वार्ताएं हुईं। भारत और रूस के रिश्तों में इस बैठक को महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर लंबे समय से सहयोग जारी है। इस कूटनीतिक माहौल के बीच जयशंकर की एक मुलाकात बेहद खास बन गई—विदेश में भारतीयों से उनकी भेंट।

भारतीय मूल के लोगों से मिलकर भावुक हुए जयशंकर

यात्रा के दौरान सामने आई तस्वीरों में एस. जयशंकर (S. Jaishankar) का एक अलग ही मानवीय और भावनात्मक पक्ष देखने को मिला। मॉस्को में भारतीय मूल के नागरिकों से मुलाकात करते हुए वह हाथ जोड़कर उनका अभिवादन करते, उनसे हंसते-मुस्कुराते बातचीत करते और सहज रूप से उनके बीच शामिल होते दिखाई दिए। कई भारतीयों ने उनसे ऑटोग्राफ भी लिए और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साह दिखाया। तस्वीरों में दिखाई दे रही भीड़ यह बताती है कि विदेशों में भी जयशंकर की लोकप्रियता और भरोसा कितना गहरा है। यह मुलाकात मात्र एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि विदेश में बसे भारतीयों के प्रति सरकार के ‘ओवरसीज़ कनेक्ट’ को मजबूत करने का प्रतीक भी बन गई। विदेश मंत्री का यह विनम्र अंदाज़ सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है।

आतंकवाद पर जयशंकर का कड़ा संदेश

एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने मॉस्को में सिर्फ सौहार्दपूर्ण मुलाकातें ही नहीं कीं, बल्कि आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख भी अपनाया। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के मामले में किसी भी तरह का झूठ, बहानेबाजी या ‘व्हाइटवॉशिंग’ स्वीकार नहीं की जाएगी। जयशंकर ने यह भी दोहराया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है, चाहे वह घरेलू सुरक्षा हो या वैश्विक मंच पर उठाई जाने वाली आवाज। राष्ट्रपति पुतिन (Vladimir Putin) के साथ बैठक में भी उन्होंने आतंकवाद से जुड़े खतरों को विस्तार से रखा। इस बयानबाजी पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारतीय प्रवासी समाज की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसने भारत की दृढ़ नीति की पुष्टि की।

भारत-रूस संबंधों में नई रफ्तार

मॉस्को यात्रा ने भारत-रूस संबंधों को नई ऊर्जा दी है। राष्ट्रपति पुतिन (Vladimir Putin) और एस. जयशंकर (S. Jaishankar) के बीच हुई वार्ता से यह संकेत मिला है कि दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान और भू-राजनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। SCO बैठक के दौरान भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा में सक्रिय योगदान की मंशा स्पष्ट की। विदेश में भारतीय नागरिकों से हुई मुलाकात ने देश की “पीपल-सेंट्रिक डिप्लोमेसी” को भी मजबूत संदेश दिया है। आगे उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी और भी मजबूत होगी, जबकि प्रवासी भारतीयों के लिए भी सरकार की अप्रोच पहले की तुलना में और प्रभावी बनकर उभरेगी।

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