S Jaishankar Zero Tolerance Terrorism Poland: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज पोलैंड (Poland) के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लॉ व सिकोर्स्की से मुलाकात में काफी सख्त और स्पष्ट लहजे में बात की। उन्होंने कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनानी चाहिए और भारत के पड़ोस में आतंकी ढांचे को बढ़ावा देने या ईंधन (फ्यूल) देने वाली किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। यह बातें दिल्ली में दोनों देशों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान कही गईं, जहां दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की, लेकिन आतंकवाद का मुद्दा सबसे प्रमुख हो गया।
जयशंकर की खुली चेतावनी और वजह/S Jaishankar Zero Tolerance Terrorism Poland
जयशंकर ने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में कहा, “आप हमारे इलाके से अनजान नहीं हैं। आपको यहां लंबे समय से चल रही क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म की समस्या अच्छी तरह पता है।” उन्होंने आगे जोड़ा, “मुझे उम्मीद है कि इस बैठक में हम आपके हाल के क्षेत्रीय दौरे पर भी बात करेंगे। पोलैंड को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकी ढांचे को ईंधन देने में मदद नहीं करनी चाहिए।” यह शब्द सीधे-सीधे “हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें” के मायने रखते हैं, जो मुख्य रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हैं। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आरोप लगाता आ रहा है कि वह आतंकी कैंप चलाता है और सीमा पार हमलों को सपोर्ट करता है।

यह कड़ी बातें इसलिए आईं क्योंकि अक्टूबर 2025 में सिकोर्स्की ने पाकिस्तान का दौरा किया था। उस दौरे के दौरान पाकिस्तान के साथ जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का जिक्र किया गया था, जो भारत को बिल्कुल पसंद नहीं आया। भारत कश्मीर को अपना आंतरिक मामला मानता है और किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। पोलैंड और पाकिस्तान के बीच हाल के सालों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और यहां तक कि काउंटर-टेररिज्म जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। भारत को चिंता है कि अगर कोई आर्थिक या तकनीकी मदद ऐसी जगह पहुंच जाए जहां से आतंकी गतिविधियां चलती हैं, तो इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
दुनिया में भारत के साथ दोहरा मापदंड का जिक्र
जयशंकर ने बैठक में यह भी कहा कि वैश्विक मुद्दों पर भारत के साथ “सिलेक्टिव टारगेटिंग” हो रही है, जो निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि कुछ देश भारत पर दबाव डालते हैं लेकिन दूसरों पर नहीं। भारत का स्टैंड हमेशा साफ रहा है – आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। अगर कोई देश आतंकवाद को जारी रखता है या उसकी मदद करता है, तो अच्छे पड़ोसी जैसा व्यवहार नहीं मिल सकता।
दोनों देशों के बीच सहयोग की बात
यह बैठक भारत और पोलैंड के बीच 2024-2028 के एक्शन प्लान की समीक्षा के लिए हुई। दोनों देश व्यापार, रक्षा, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इनोवेशन, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पोलैंड यूरोप में भारत का महत्वपूर्ण पार्टनर बन रहा है, खासकर ऊर्जा और डिफेंस क्षेत्र में। लेकिन जयशंकर ने साफ कर दिया कि दोस्ती और सहयोग तब ही मजबूत होंगे जब आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों पक्ष एक जैसा रुख अपनाएं।
पोलैंड की तरफ से क्या प्रतिक्रिया?
सिकोर्स्की ने भारत की चिंताओं को समझा और क्षेत्र की स्थिति से वाकिफ होने की बात कही। उन्होंने क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म को गंभीर चुनौती बताया और कहा कि इसका मुकाबला ठोस कदमों से किया जाना चाहिए। हालांकि, बैठक के बाद कोई बहुत विस्तृत आधिकारिक जवाब नहीं आया कि पोलैंड आगे क्या रुख अपनाएगा। लेकिन जयशंकर की खुली और मजबूत बातें दिखाती हैं कि भारत अब अपने पड़ोस में आतंकवाद के मुद्दे पर किसी से समझौता नहीं करेगा।
भारत की विदेश नीति का मजबूत संदेश
भारत कहता है – आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं। चाहे कोई भी देश हो, भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। आने वाले दिनों में देखना होगा कि पोलैंड इस संदेश को कैसे लेता है और दोनों देशों के रिश्ते आगे कैसे बढ़ते हैं। लेकिन आज की बैठक से साफ है कि भारत आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की मांग हर मंच पर करेगा।










