Sambhal Encroachment Demolition: संभल में अवैध कब्जे पर प्रशासन की सख्ती, दो मकान जमींदोज, एक को मिली मोहलत

Sambhal Encroachment Demolition: अवैध कब्जे पर प्रशासन की सख्ती, संभल के गांव में दो घर ढहाए गए

Sambhal Encroachment Demolition: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हटाने का अभियान जोरों पर चल रहा है। असमोली थाना क्षेत्र के गांव राया बुजुर्ग में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां तीन अवैध मकानों पर नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से दो को बुलडोजर से पूरी तरह ढहा दिया गया। वहीं, एक मकान मालिक को चार दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि वह खुद अतिक्रमण हटा सके। यह कार्रवाई गांव की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करने के लिए की गई।

कार्रवाई की पूरी डिटेल/Sambhal Encroachment Demolition

गांव राया बुजुर्ग में गाटा संख्या 682 की करीब 880 वर्ग मीटर जमीन पर तीन लोगों ने अवैध तरीके से मकान बना लिए थे। इन मकानों के मालिकों को पहले ही नोटिस दे दिया गया था। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो दो बुलडोजरों की मदद से दो मकानों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। तीसरे मकान को देखते हुए मालिक को चार दिन की मोहलत दी गई। मौके पर असमोली के सीओ कुलदीप कुमार मौजूद थे। उन्होंने बताया कि गांव में अतिक्रमण हटाने का काम लगातार चल रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। चार थानों के प्रभारी, एक प्लाटून आरआरएफ और करीब 50 सिविल पुलिसकर्मी मौजूद रहे। रूफटॉप पर भी पुलिसकर्मी तैनात थे। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग भी की जा रही थी ताकि कोई अफवाह न फैले और शांति बनी रहे।

तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह जमीन ग्राम समाज की है और यहां अवैध निर्माण पूरी तरह गलत था। कब्जेदारों ने फरवरी 2025 में कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अब गांव के लोग समझदार हो रहे हैं। कई लोग खुद ही अपना कब्जा हटा रहे हैं। जो नहीं हटाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पहले हटाई गई मस्जिद और मैरिज हॉल

इस गांव में इससे पहले भी बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। गांव के तालाब से करीब 100 मीटर दूर नवीन परती की 552 वर्ग मीटर जमीन पर गोसूलवरा मस्जिद बनाई गई थी। यह भी पूरी तरह अवैध थी। नोटिस जारी होने और कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने मस्जिद को पूरी तरह हटा दिया। अब यह जमीन ग्राम सभा को सौंप दी गई है। इसी तरह करीब 400-500 वर्ग मीटर में बना एक मैरिज हॉल भी ध्वस्त कर दिया गया। अब यह भी ग्राम सभा के हवाले है। आगे ग्राम सभा खुद फैसला लेगी कि इस जमीन का क्या इस्तेमाल किया जाए।

प्रशासन का कहना है कि तालाब और परती जमीन पर कब्जा करना गलत है। इससे गांव का विकास रुकता है और पानी की समस्या बढ़ती है। इसलिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

संभल में अतिक्रमण हटाओ अभियान क्यों तेज?

संभल जिले में पिछले कुछ समय से अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चल रहा है। सरकारी जमीन, तालाब, रास्ते और धार्मिक स्थलों के आसपास के कब्जे हटाए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि इससे गरीबों को जमीन मिल रही है और गांव साफ-सुथरे हो रहे हैं। कई जगहों पर लोग खुद ही अपना निर्माण तोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि बुलडोजर आएगा तो सब खत्म हो जाएगा।

इस कार्रवाई से गांव वालों में जागरूकता आई है। पहले लोग सोचते थे कि सरकारी जमीन पर कुछ भी बना लो, कोई नहीं पूछेगा। लेकिन अब नोटिस मिलते ही लोग खुद हटाने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कानून का पालन जरूरी

यह कार्रवाई दिखाती है कि कानून सबके लिए बराबर है। अगर कोई सरकारी जमीन पर कब्जा करता है तो चाहे वह मकान हो, मस्जिद हो या कोई और निर्माण, उसे हटाना पड़ेगा। प्रशासन ने साफ कहा है कि कोर्ट के फैसले और नोटिस के बाद कोई राहत नहीं मिलेगी। गांव के लोग अब समझ गए हैं कि अवैध कब्जा रखना फायदे की बजाय नुकसान का सौदा है।

संभल में इस तरह की कार्रवाइयां जारी हैं। इससे न सिर्फ जमीन खाली हो रही है बल्कि गांव का माहौल भी शांतिपूर्ण बना हुआ है। पुलिस की सख्ती से कोई विरोध या हंगामा नहीं हुआ। उम्मीद है कि आगे भी लोग कानून का पालन करेंगे और प्रशासन को सहयोग देंगे।

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