Sambhal : चंदौसी में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक अहम पहल देखने को मिली। स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष अजय कुमार राजवर और जिला महामंत्री विशाल कमल वाल्मीकि ने मंडल आयुक्त से मुलाकात कर कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को विस्तार से रखा। यह मुलाकात 16 मार्च 2026, सोमवार को हुई, जिसमें कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
पुराने ज्ञापन पर हुई गंभीर चर्चा

प्रतिनिधिमंडल ने 11 जनवरी 2026 को आयोजित वाल्मीकि सफाई कर्मचारी एकता महासम्मेलन में सौंपे गए ज्ञापन का भी जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उस ज्ञापन में जिन मांगों को रखा गया था, वे अब तक पूरी तरह से हल नहीं हो सकी हैं। मंडल आयुक्त ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए पूरी बात ध्यान से सुनी और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
आश्वासन से बढ़ी उम्मीदें
मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाध्यक्ष अजय राजवर ने बताया कि मंडल आयुक्त ने कर्मचारियों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश मांगों के निस्तारण में देरी होती है, तो मंडल आयुक्त स्वयं उस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे। इस बयान से कर्मचारियों के बीच उम्मीद की नई किरण जगी है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने जिन प्रमुख समस्याओं को उठाया, उनमें शामिल हैं:
- लंबित वेतन और भुगतान से जुड़ी समस्याएं
- स्थायी नियुक्ति और सेवा सुरक्षा
- कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों की कमी
- कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव
- पदोन्नति और अन्य लाभों में देरी
इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले।
प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता के संकेत
इस मुलाकात के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन अब इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करेगा। मंडल आयुक्त द्वारा सीधे हस्तक्षेप का भरोसा मिलने से यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धरातल पर बदलाव दिखाई देगा। कर्मचारियों का कहना है कि यदि इस बार भी समस्याएं हल नहीं हुईं, तो आगे आंदोलन की राह अपनाई जा सकती है।
कर्मचारियों में एकजुटता
इस पूरे घटनाक्रम ने सफाई कर्मचारियों के बीच एकजुटता का भी संदेश दिया है। अजय राजवर के नेतृत्व में जिस तरह से समस्याओं को मजबूती से उठाया गया, उसने यह साबित कर दिया कि संगठित प्रयास से ही बदलाव संभव है। कर्मचारी अब अपने अधिकारों के प्रति पहले से अधिक जागरूक नजर आ रहे हैं।
आगे की रणनीति पर नजर
अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान होता है, तो यह कर्मचारियों के लिए राहत की खबर होगी। वहीं, देरी होने पर आंदोलन की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, संवाद और आश्वासन के इस दौर ने माहौल को सकारात्मक जरूर बनाया है।










