Scam In Setting Up Solar Plants : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी सामने आ रही है। शहर के ताड़ तल्ला जहानाबाद निवासी मासूम अली पुत्र स्वर्गीय शौकत अली ने इस योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगवाया, लेकिन वेंडर द्वारा निर्धारित 6 पैनलों की जगह केवल 5 पैनल लगाए जाने के कारण सब्सिडी रुक गई है। पीड़ित ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मासूम अली अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और सब्सिडी का भारी नुकसान उठा रहे हैं।
मासूम अली ने बताया कि उन्होंने यूरो टेक इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, निकट विलायत अली बिल्डिंग, घंटाघर रायबरेली से योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया था। इस योजना में सरकार सोलर प्लांट लगवाने वालों को आकर्षक सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे बिजली बिल मुक्त हो जाता है। लेकिन वेंडर ने 3 किलोवाट कनेक्शन के लिए पूरे 6 पैनल लगाने की जगह केवल 5 पैनल ही इंस्टॉल किए। इसके चलते सब्सिडी की प्रक्रिया अटक गई और प्लांट की क्षमता भी पूरी नहीं हो पाई।

पीड़ित मासूम अली ने कहा, “मैंने कई बार प्रतिष्ठान जाकर गुहार लगाई कि एक पैनल और लगा दें, ताकि सब्सिडी मिल सके। लेकिन हर बार वे टालमटोल करते रहे और अंत में साफ इनकार कर दिया। इससे मुझे आर्थिक नुकसान हो रहा है और बिजली उत्पादन भी कम हो रहा है।” मजबूर होकर मासूम अली ने परियोजना अधिकारी, यूपी नेडा (उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद यूपी नेडा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यूरो टेक इंटरप्राइजेज को निर्देश दिए। 19 अगस्त 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया कि 3 दिनों के अंदर पीड़ित के घर पर कमी वाला पैनल लगाया जाए और इसकी सूचना दी जाए। आदेश में चेतावनी भी दी गई कि यदि पैनल नहीं लगाया गया तो फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
हालांकि, तीन दिन बीतने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद 17 सितंबर 2025 को एक और आदेश जारी किया गया, जिसमें फिर से वही निर्देश दोहराए गए – 3 दिनों में पैनल लगाकर सूचना दें, अन्यथा रजिस्ट्रेशन निरस्त। लेकिन आज नवंबर 2025 तक तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है और वेंडर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मासूम अली की मासूमियत आज भी बरकरार है, वे अपने हक के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सब्सिडी का इंतजार अब भी जारी है।
यह मामला न केवल एक व्यक्ति की समस्या है, बल्कि पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। योजना के तहत लाखों घरों में सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, लेकिन वेंडरों की लापरवाही और प्रशासनिक सुस्ती से लाभार्थी परेशान हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 3 किलोवाट प्लांट के लिए कम से कम 6 पैनल (प्रत्येक 500 वाट के आसपास) जरूरी होते हैं, ताकि पूर्ण क्षमता और सब्सिडी का लाभ मिले। एक पैनल कम होने से न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि सब्सिडी की पात्रता भी खो जाती है।
जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क करने पर अधिकारियों ने शिकायत की जांच का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मासूम अली जैसे कई लाभार्थी अब योजना से निराश हो रहे हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह घपलेबाजी का मामला बड़े स्तर पर उजागर हो सकता है। पीड़ित ने अपील की है कि उच्च अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान किया जाए।










