Shab E Barat Chandousi Memorandum: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित चंदौसी शहर में आगामी 3 फरवरी को मनाई जाने वाली शबे बरात के त्योहार को लेकर मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन से अपील की है। ऑल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शहर में सफाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और पानी की सुचारू व्यवस्था की मांग की गई है। बोर्ड का कहना है कि शबे बरात की रात मुस्लिम समुदाय पूरी रात इबादत में मशगूल रहता है, इसलिए इन बुनियादी सुविधाओं का ठीक रहना बहुत जरूरी है।
ज्ञापन में खास तौर पर जराई गेट स्थित कब्रिस्तान का जिक्र किया गया है। यहां पूरे शहर के मुस्लिम अपने बुजुर्गों की रूह को सवाब पहुंचाने के लिए आते हैं। महिलाएं और बच्चे घरों में इबादत करते हैं, लेकिन मस्जिदों के आसपास गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। साथ ही कब्रिस्तान के पास एक बड़ा गड्ढा है, जिसकी वजह से लोग अक्सर चोटिल हो जाते हैं। बोर्ड ने मांग की है कि इस गड्ढे को तुरंत भरवाया जाए और आसपास की सफाई ठीक की जाए।

शबे बरात क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?/Shab E Barat Chandousi Memorandum
शबे बरात इस्लाम में एक खास रात है, जिसे “शब-ए-बरात” या “रात-ए-बरात” भी कहते हैं। ये रात मुस्लिम कैलेंडर के शाबान महीने की 14वीं रात होती है। इस रात लोग अल्लाह से माफी मांगते हैं, दुआएं करते हैं और अपने मृत पूर्वजों के लिए दुआ करते हैं। कब्रिस्तान जाकर फातिहा पढ़ना, मस्जिदों में तरावीह जैसी नमाज अदा करना और रात भर इबादत करना आम है। चंदौसी जैसे छोटे शहरों में ये त्योहार पूरे समुदाय के साथ मनाया जाता है, इसलिए शहर की व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ता है।
बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि अगर सफाई ठीक नहीं होगी तो इबादत में खलल पड़ सकता है। गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा रहता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। इसलिए त्योहार से पहले शहर की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए।
बिजली और पानी की व्यवस्था पर जोर
ज्ञापन में सबसे ज्यादा फोकस बिजली आपूर्ति पर है। बोर्ड ने कहा कि अगर बिजली सुचारू रूप से चलती रहेगी तो पानी की कोई दिक्कत नहीं होगी। क्योंकि कई जगहों पर पानी पंप बिजली से चलते हैं। शबे बरात की रात लोग घरों में लाइट जलाकर इबादत करते हैं, कब्रिस्तान में भी रोशनी की जरूरत होती है। बिजली कटौती से परेशानी हो सकती है। इसलिए बोर्ड ने मांग की है कि उस रात बिजली की कोई कटौती न हो और ट्रांसफॉर्मर आदि की जांच पहले से कर ली जाए।
पानी की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। त्योहार के दिन घरों में मेहमान आते हैं, वुजू और अन्य जरूरतों के लिए पानी चाहिए। अगर पानी की सप्लाई ठीक रहेगी तो सबकी सुविधा बनी रहेगी।
नायब तहसीलदार का आश्वासन
ज्ञापन सौंपने के बाद नायब तहसीलदार ने बोर्ड के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि वो शीघ्र ही संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजेंगे। सफाई विभाग, बिजली विभाग और जल निगम को निर्देश दिए जाएंगे कि शबे बरात से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। गड्ढे को भरवाने, मस्जिदों-कब्रिस्तान के आसपास सफाई करवाने और बिजली-पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक्शन लिया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख लोग
ज्ञापन सौंपने में ऑल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड के कई सम्मानित सदस्य शामिल थे। इनमें शामिल थे:
- हाफिज मतीन अशरफी
- शाह आलम मंसूरी
- मोहम्मद तारिक एडवोकेट
- रियाज अहमद सभासद
- शफीक एडवोकेट
- नगर मोहम्मद (पूर्व सभासद)
- कमर अली एडवोकेट
ये सभी बोर्ड के सक्रिय सदस्य हैं और समुदाय की भलाई के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ये मांग सिर्फ मुस्लिम समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे शहर की सुविधा के लिए है। क्योंकि त्योहार के दिन सब मिल-जुलकर मनाते हैं।
शहर में ऐसी मांगें क्यों जरूरी?
चंदौसी जैसे छोटे शहरों में त्योहारों के समय प्रशासन पर दबाव बढ़ जाता है। शबे बरात जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में हजारों लोग इकट्ठा होते हैं। अगर बुनियादी सुविधाएं ठीक नहीं होंगी तो लोगों को परेशानी होती है। बोर्ड की ये पहल सराहनीय है, क्योंकि इससे पहले से तैयारी हो जाती है और त्योहार शांति से मनाया जा सकता है।
ऐसे ज्ञापन प्रशासन और समुदाय के बीच संवाद बढ़ाते हैं। नायब तहसीलदार का तुरंत आश्वासन दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारी संवेदनशील हैं। उम्मीद है कि 3 फरवरी से पहले सभी मांगें पूरी हो जाएंगी और शबे बरात खुशी-खुशी मनाई जाएगी।










