T20 World Cup 2026 Final: गंगा की आरती में गूंजा ‘विजयी भव’, काशी के सिंधिया घाट पर भारतीय टीम के लिए विशेष पूजा

T20 World Cup 2026 Final: टी-20 विश्व कप फाइनल से पहले मां गंगा का आशीर्वाद,सिंधिया घाट पर 'विजयी भव' का उद्घोष

T20 World Cup 2026 Final: रविवार को टी-20 विश्व कप 2026 का फाइनल मैच भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। इस ऐतिहासिक मुकाबले से ठीक पहले काशी (वाराणसी) के पौराणिक सिंधिया घाट पर एक खास और भावुक आयोजन हुआ। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों ने मां गंगा की आरती उतारी और भारतीय क्रिकेट टीम के लिए विजयी भव का उद्घोष किया। गंगा की लहरों के बीच राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराया गया, क्रिकेटरों की तस्वीरें रखी गईं और लाखों भारतीयों की भावनाओं के साथ प्रार्थना की गई कि भारत एक बार फिर विश्व चैंपियन बने।

सिंधिया घाट पर शुरू हुआ विशेष अनुष्ठान/T20 World Cup 2026 Final

सिंधिया घाट पर शाम ढलते ही माहौल भक्ति और उत्साह से भर गया। गंगा की पावन लहरों के किनारे वेदपाठी बटुक खड़े हुए। उनके हाथों में थाली, अगरबत्ती और फूल थे। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने पूरे आयोजन का संचालन किया। राजेश शुक्ला नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर भी हैं और पूर्व राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके हैं।

उन्होंने बताया, क्रिकेट भारत में सिर्फ खेल नहीं, एक भावना और जुनून है। जब पूरी दुनिया भारत की जीत की उम्मीद कर रही है, तो हमें लगा कि मां गंगा और महादेव का आशीर्वाद खिलाड़ियों को मानसिक ताकत देगा। इसलिए हमने सिंधिया घाट पर यह विशेष पूजा-अर्चना की।

‘विजयी भव’ वेद मंत्रों और आरती के बीच

आयोजन की शुरुआत स्वस्तिवाचन से हुई। इसके बाद द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र, गंगाष्टकम और श्री काशी विश्वनाथाष्टकम के मंत्र गूंजे। बटुकों ने एक साथ वेद मंत्रों का उच्चारण किया। फिर मां गंगा की आरती उतारी गई। आरती के दौरान सभी ने हाथ जोड़कर भारतीय टीम के लिए प्रार्थना की।

राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराया गया और टीम इंडिया के खिलाड़ियों की तस्वीरें रखी गईं। गंगा की लहरों को साक्षी मानकर सबने एक स्वर में कहा – “विजयी भव! विजयी भव!” यह नारा गंगा किनारे गूंजता रहा और दूर-दूर तक पहुंचता रहा। हजारों लोगों की दुआएं और भावनाएं उस वक्त भारतीय टीम के साथ थीं।

राजेश शुक्ला ने क्यों की यह पहल?

राजेश शुक्ला ने कहा, मैं खुद क्रिकेट खेल चुका हूं। मुझे पता है कि मैदान पर कितनी मानसिक मजबूती चाहिए। जब करोड़ों भारतीय दुआएं करते हैं, तो खिलाड़ियों का मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। मां गंगा का आशीर्वाद और महादेव की कृपा हमेशा भारत के साथ रही है। इस बार हमने गंगा मां से सीधे प्रार्थना की कि वे हमारे क्रिकेटरों को जीत दिलाएं।

उन्होंने आगे कहा, “आज शाम जब टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ उतरेगी, तो उनके साथ मां गंगा की लहरें, काशी की पुण्य भूमि का आशीर्वाद और पूरे देश की दुआएं होंगी।”

आयोजन में शामिल प्रमुख लोग

इस खास पूजा-अर्चना में कई लोग शामिल हुए। प्रमुख रूप से:

  • नमामि गंगे काशी क्षेत्र संयोजक और स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला
  • हरिओम मिश्रा
  • सौरभ मिश्रा
  • राजेंद्र नागर
  • सुहासिनी शर्मा
  • शालिनी बरनवाल
  • महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुक

सभी ने मिलकर मंत्रोच्चार किया, आरती उतारी और भारतीय टीम की जीत की कामना की।

क्रिकेट और आस्था का अनोखा संगम

भारत में क्रिकेट और आस्था का गहरा नाता है। जब भी कोई बड़ा मैच होता है, मंदिरों में विशेष पूजा, हवन और प्रार्थनाएं होती हैं। लेकिन इस बार काशी के सिंधिया घाट पर गंगा मां के सामने यह अनुष्ठान कुछ अलग और खास था। गंगा की लहरें, वेद मंत्र, आरती की थाली और तिरंगा – सब मिलकर एक भावुक माहौल बना रहे थे।

यह आयोजन सिर्फ एक प्रार्थना नहीं था, बल्कि पूरे देश की भावनाओं का प्रतीक था। लाखों भारतीय जो टीवी के सामने बैठे थे, उनके मन में भी यही कामना थी – भारत जीते, विश्व कप फिर से हमारे नाम हो।

फाइनल मैच का नतीजा और भावनाएं

नोट: यह खबर मैच से पहले की है, लेकिन भावनाएं ऐसी थीं कि पूरी टीम और देश जीत की उम्मीद में डूबा था।) सिंधिया घाट पर गूंजा “विजयी भव” का नारा शायद मैदान पर भी पहुंचा होगा। जब खिलाड़ी मैदान पर उतरे, तो उनके साथ काशी की यह दुआ और गंगा का आशीर्वाद था।

Other Latest News

Leave a Comment