विद्युत विभाग के ऊर्जा मंत्री के दावों और उनके सार्थक प्रयासों की हवा निकालने से उनके ही मातहत बाज़ नहीं आ रहे हैं। गौरतलब है कि सदर विधानसभा के राही ब्लाक क्षेत्र की कनौली ग्रामपंचायत के पूरे भोला में जगह जगह से जर्ज़र हो चुकी केबिल मौत को दावत दे रही है। ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत के बावजूद समस्या के निराकरण के बजाय सलोन उपखंड के जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। उपभोक्ता अरविन्द चौधरी ने बताया कि जर्जर केबिल को बदले जाने के लिए कई बार स्थानीय लाइनमैन और जेई से शिकायत भी की गई लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा । बिना मीटर रीडिंग के देखें मनमाने ढंग से बिजली का बिल भेज दिया जाता है। फिर भी हम सभी लोग समय से बिजली का बिल जमा भी कर देते हैं। उल्लेखनीय है बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थानीय उपभोक्ताओं राजेश कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, रामप्रकाश, रामचंदर, सुरेंद्र कुमार, रामरतन पटेल, रामकरन, सोनू पटेल, रामखेलावन, अर्जुन, सुरेश, राजकुमार, राजू, जगदीश आदि ने कहा कि बिजली विभाग के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सभी ने एक स्वर में जिलाधिकारी से जर्जर केबिल को बदलवाये जाने की मांग की है । उपभोक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द ही जर्जर केबिल नहीं बदला गया तो मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ।
विभागीय लापरवाही के चलते शार्ट शर्किट से लग चुकी है दो घरों में आग

बिजली विभाग की लापरवाही के कारण पूरे भोला गांव में ही कई माह पूर्व शार्ट शर्किट से दो घरों में आग लगने से हजारों का नुकसान हो चुका है। गनीमत यह रही थी कि मौके पर किसी की मौजूदगी नही होने से किसी भी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई थी। इसी तरह कुछ वर्षो पूर्व इसी ग्रामपंचायत के पितम्बरपुर गांव निवासी एक ग्रामीण की भैंस की मौत ज़मीन पर गिरे बिजली के तारों में दौड़ रहे करंट के लगने से हो चुकी है। विभागीय लापरवाही के कारण इस तरह के दर्जनों हादसे इस विधानसभा में घटित होने के बाद भी विभाग की कुम्भकरणी नींद नहीं खुलने से आमजनमानस में भारी आक्रोश है, जो कभी भी आंदोलन का स्वरूप ले सकता है।










