Trump Iran Military Action Protests 2026: ईरान में प्रदर्शन के बीच मिलिट्री एक्शन करेगा अमेरिका? ट्रंप की धमकी और ताजा अपडेट

Trump Iran Military Action Protests 2026: ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन,सैकड़ों मौतें, इंटरनेट बंद

Trump Iran Military Action Protests 2026: ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से जोरदार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। ये प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए थे, जब देश की मुद्रा (रियाल) बहुत गिर गई और महंगाई आसमान छूने लगी। लोग सड़कों पर उतर आए और अब ये सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहे। प्रदर्शनकारी अब पूरी तरह से ईरान की धार्मिक सरकार (इस्लामिक रिपब्लिक) के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वे बदलाव की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मौजूदा शासन खत्म होना चाहिए।

मानवाधिकार संगठनों और एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, अब तक 500 से 646 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। ईरान सरकार ने हिंसक तरीके से दमन किया है – पुलिस और सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले चार दिनों से देश में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क भी लगभग बंद है, जिससे बाहर की दुनिया को सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे “भयानक हिंसा” बताया है। ईरान के कई शहरों में प्रदर्शन जारी हैं, लेकिन सरकार दावा कर रही है कि स्थिति काबू में है।

ट्रंप की कड़ी धमकी,बहुत मजबूत कार्रवाई की तैयारी/Trump Iran Military Action Protests 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार साफ कहा है कि अगर ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों पर और ज्यादा हिंसा करती है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमारे पास बहुत मजबूत विकल्प हैं। हम फैसला करेंगे।” उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ईरान को आजादी की सख्त जरूरत है, शायद पहले कभी इतनी ज्यादा नहीं थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप को ईरान पर हमले के कई विकल्प बताए गए हैं – जैसे तेहरान में गैर-सैन्य जगहों पर स्ट्राइक, ईरान की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी सुविधाओं पर हमला, या फिर साइबर अटैक और सूचना अभियान। व्हाइट हाउस ने कहा कि कूटनीति पहला विकल्प है, लेकिन ट्रंप “लेथल फोर्स” (घातक बल) इस्तेमाल करने से नहीं डरते।

13 जनवरी 2026 को ट्रंप को ईरान पर कार्रवाई के विकल्पों की ब्रिफिंग मिलने वाली है, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री शामिल हैं। अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप सैन्य कार्रवाई की तरफ झुकाव दिखा रहे हैं।

ईरान का जवाब,युद्ध के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत भी चाहते हैं

ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका सैन्य विकल्प आजमाता है, तो ईरान “पूरी तरह तैयार” है। उन्होंने अल जजीरा को इंटरव्यू में कहा, “हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर वाशिंगटन टेस्ट करना चाहता है, तो हम तैयार हैं।” ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो ईरान क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जहाजों और इजरायल को निशाना बना सकता है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने भी ट्रंप की धमकियों का जवाब दिया। ईरान ने दावा किया कि प्रदर्शन अमेरिका और इजरायल द्वारा समर्थित “आतंकवाद” हैं, और ये पिछले युद्ध का अगला चरण है। लेकिन साथ ही, ईरान ने अमेरिका से बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं। ट्रंप ने खुद कहा कि ईरान ने उनसे संपर्क किया है और बातचीत चाहता है। ओमान जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं।

ट्रंप का नया कदम,25% टैरिफ की घोषणा

सैन्य धमकी के अलावा, ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने ऐलान किया कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसके अमेरिका में निर्यात पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। ये तुरंत प्रभाव से लागू है। इससे चीन, भारत, रूस, तुर्की जैसे देश प्रभावित होंगे, क्योंकि ईरान तेल का बड़ा उत्पादक है। ये कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का है।

निष्कर्ष

अभी स्थिति बहुत नाजुक है। ईरान में प्रदर्शन थमने के बजाय बढ़ रहे हैं, मौतें हो रही हैं। ट्रंप की धमकी गंभीर है, लेकिन वे बातचीत का रास्ता भी खुला रख रहे हैं। ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन सरेंडर भी नहीं करेगा। अगर अमेरिका हमला करता है, तो मिडिल ईस्ट में बड़ा संघर्ष हो सकता है – अमेरिकी ठिकाने, इजरायल, और ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं।

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