Baghpat Encounter : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में बीते शनिवार को हुई निबाली निवासी शेखर की हत्या का सनसनीखेज मामला पुलिस ने मात्र 24 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी आर्यन शर्मा और आदिल शनिवार को मामूली कहा-सुनी के दौरान शेखर को गोली मारकर फरार हो गए थे। आज देर शाम बागपत कोतवाली क्षेत्र के टटीरी जंगल इलाके में दोनों आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई, जिसमें दोनों आरोपी और एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गए। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हत्याकांड का पूरा घटनाक्रम

बीते शनिवार (8 नवंबर 2025) की शाम को बागपत के निबाली गांव में एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। स्थानीय निवासी शेखर (उम्र 28 वर्ष) आर्यन शर्मा और आदिल के साथ पुरानी रंजिश को लेकर बहस में उलझ गया। बहस के दौरान उग्र हो चुके दोनों आरोपियों ने शेखर पर अंधाधुंध गोली चलाई, जिससे शेखर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में सनसनी फैल गई और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा। शेखर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
शेखर के परिवार वालों ने बताया कि यह विवाद पुरानी जमीन संबंधी रंजिश से उपजा था। शेखर एक छोटा-मोटा किसान था और गांव में सामाजिक रूप से सक्रिय रहता था। उसकी हत्या के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, जिसके चलते शुक्रवार को गांव में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने तुरंत इलाके में भारी फोर्स तैनात कर दी और शांति बनी रही।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 6 टीमों ने रच दिया घेराबंदी का जालशेखर हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए बागपत पुलिस ने फौरन 6 विशेष जांच टीमों का गठन कर दिया। एसएसपी सूरज कुमार राय के नेतृत्व में ये टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मुखबिरों की मदद और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को दोनों आरोपियों के टटीरी जंगल इलाके में छिपे होने की पक्की जानकारी मिली। एसएसपी राय ने बताया, “हत्याकांड के खुलासे के लिए हमारी टीमें 24 घंटे लगातार सक्रिय रहीं। आरोपियों की लोकेशन ट्रेस होते ही हमने घेराबंदी की योजना बनाई।”
पुलिस के अनुसार, आर्यन शर्मा (उम्र 25 वर्ष) बागपत का स्थानीय युवक है, जो पहले भी छोटे-मोटे आपराधिक मामलों में नामजद हो चुका है। वहीं, आदिल (उम्र 23 वर्ष) नजदीकी इलाके का रहने वाला है और दोनों की दोस्ती पुरानी है। दोनों ने हत्या के बाद जंगल में छिपकर मोबाइल फोन भी बंद कर दिए थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उन्हें घेर लिया।
टटीरी जंगल में मुठभेड़: गोलीबारी में तीनों घायलआज (9 नवंबर 2025) देर शाम करीब 7 बजे बागपत कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम टटीरी के घने जंगलों में पहुंची। आरोपियों को सरेंडर करने का मौका दिया गया, लेकिन दोनों ने पुलिस पर गोली चलानी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आर्यन शर्मा को पैर में और आदिल को हाथ में गोली लग गई। मुठभेड़ के दौरान एक कांस्टेबल (नाम गोपेश कुमार) को भी आरोपियों की गोली लगी, जो कमर में चोटिल हो गया।
मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने तीनों घायलों को तुरंत बागपत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत स्थिर है। आर्यन और आदिल को इलाज के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। कांस्टेबल गोपेश का भी प्राथमिक उपचार चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। मुठभेड़ स्थल से पुलिस को एक देशी कट्टा, 4 जिंदा कारतूस और 2 खाली खोखे बरामद हुए हैं।
एसएसपी सूरज कुमार राय की बाइट: “अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा”
बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने मुठभेड़ के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “शेखर हत्याकांड एक कायराना कृत्य था। हमारी टीमों ने बिना किसी देरी के आरोपियों को घेरा और उन्हें धर दबोचा। बागपत में अपराधियों को यह संदेश है कि कानून का हाथ लंबा है। हम अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहे हैं। घायल कांस्टेबल का जल्द स्वस्थ होने का विश्वास है। परिवार को न्याय मिलेगा।” एसएसपी ने आगे बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि कोई अन्य संलिप्तता पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों व परिवार की प्रतिक्रिया: न्याय की उम्मीदशेखर के भाई ने बताया, “हमारे भाई की हत्या ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हमें न्याय की उम्मीद जगी है।” गांव वालों ने पुलिस की सराहना की और कहा कि ऐसी घटनाओं से इलाके में डर का माहौल बन जाता है। बागपत प्रशासन ने शेखर के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।
यह घटना बागपत जिले में बढ़ते अपराधों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, पुलिस की फुर्ती ने जिले की कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक संदेश दिया है। मामले की आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।










