UAE cancels Islamabad airport deal: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कभी-कभी छोटी-छोटी घटनाएं बड़े-बड़े बदलाव ला देती हैं। ऐसा ही कुछ हाल ही में हुआ जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (जिन्हें MBZ भी कहा जाता है) ने जनवरी 2026 में भारत की एकदम अचानक और छोटी यात्रा की। यह यात्रा महज 2-3 घंटे की थी, लेकिन इसके असर इतने गहरे निकले कि पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। खबरें ऐसी आईं कि UAE ने पाकिस्तान के साथ चल रही एक बड़ी डील से पीछे हट लिया, जिससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर दोनों के दिल टूट गए। आइए, इस पूरी कहानी को आसान भाषा में समझते हैं।
UAE-भारत के रिश्ते: पुराने दोस्त, नई ऊंचाइयां/UAE cancels Islamabad airport deal
भारत और UAE के बीच रिश्ते सालों से बहुत मजबूत हैं। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। लाखों भारतीय वहां काम करते हैं, और दोनों देश तेल, निवेश, डिफेंस और टेक्नोलॉजी में साथ मिलकर काम करते हैं। PM मोदी और MBZ की दोस्ती तो दुनिया भर में मशहूर है। जनवरी 2026 में MBZ की यह यात्रा भी अचानक हुई। वे दिल्ली आए, PM मोदी से मिले और बस कुछ घंटों में ही कई बड़े फैसले हो गए।

इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 2030 तक 200 अरब डॉलर के ट्रेड का टारगेट सेट किया। डिफेंस में स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की बात हुई, स्पेस और एनर्जी में नए समझौते हुए। यह सब इतना तेजी से हुआ कि दुनिया भर की नजरें टिक गईं। खासकर पड़ोसी पाकिस्तान पर, क्योंकि UAE पाकिस्तान का भी पुराना दोस्त रहा है। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।
पाकिस्तान की उम्मीदें और टूटता दिल
पाकिस्तान की इकोनॉमी इन दिनों बहुत मुश्किल में है। IMF से लोन, चीन से कर्ज, सऊदी अरब से मदद – सब कुछ चल रहा है, लेकिन स्थिरता नहीं आ रही। ऐसे में UAE से पाकिस्तान को बड़ी उम्मीद थी। खासकर इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मैनेज करने का एक बड़ा डील चल रहा था। यह डील 2025 में ही तय हुई थी। UAE की कंपनी इस एयरपोर्ट को अपग्रेड करती, मैनेज करती और पाकिस्तान को विदेशी निवेश मिलता। यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी बात थी, क्योंकि उनका एविएशन सेक्टर कमजोर है और पैसे की सख्त जरूरत है।
लेकिन MBZ की भारत यात्रा के ठीक बाद खबर आई कि UAE ने इस डील से पीछे हट लिया। मिडिल ईस्ट आई और एक्सप्रेस ट्रिब्यून जैसी रिपोर्ट्स में लिखा गया कि UAE अब इस प्रोजेक्ट में इंटरेस्टेड नहीं है। कारण? कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि UAE अब भारत के साथ ज्यादा गहराई से जुड़ना चाहता है, और सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों से UAE को थोड़ी चिंता है। UAE और सऊदी अरब के बीच भी कुछ तनाव चल रहा है, और पाकिस्तान सऊदी के करीब जा रहा है। ऐसे में UAE ने पाकिस्तान को “साइडलाइन” कर दिया।
शहबाज शरीफ के लिए यह झटका बहुत बड़ा था। वे UAE से अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहते थे। दिसंबर 2025 में ही MBZ पाकिस्तान आए थे, शहबाज से मिले थे। लेकिन अब स्थिति उलट गई। पाकिस्तानी मीडिया में इसे “बड़ा धोखा” और “शहबाज का दिल टूटना” कहकर लिखा जा रहा है।
क्यों हुआ यह सब? भू-राजनीति का खेल
यह सिर्फ एक डील का टूटना नहीं है, बल्कि बड़ा भू-राजनीतिक खेल है। UAE अब भारत को “स्ट्रैटेजिक पार्टनर” मान रहा है। भारत की इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है, मार्केट बड़ा है, और डिफेंस में दोनों साथ काम कर सकते हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान की इकोनॉमी कमजोर है, आतंकवाद की वजह से इमेज खराब है, और सऊदी के साथ नए डिफेंस पैक्ट की बातें हो रही हैं। UAE को लगता है कि पाकिस्तान के साथ ज्यादा जोखिम है।
कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि MBZ की भारत यात्रा में पाकिस्तान का जिक्र भी हुआ होगा। भारत हमेशा कहता है कि पड़ोसी देश आतंकवाद रोकें। UAE भी अब आतंकवाद के खिलाफ सख्त है। ऐसे में UAE ने फैसला लिया कि भारत के साथ ज्यादा फायदा है।
पाकिस्तान में क्या माहौल?
पाकिस्तान में इस खबर से काफी हंगामा हुआ। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि “UAE ने हमारी औकात दिखा दी”। शहबाज सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि विदेश नीति कमजोर हो गई है। आर्मी चीफ असीम मुनीर भी चिंतित हैं, क्योंकि इकोनॉमी मजबूत नहीं हुई तो आंतरिक दबाव बढ़ेगा।
निष्कर्ष
दोस्तों, अंतरराष्ट्रीय रिश्ते भावनाओं से नहीं, हितों से चलते हैं। UAE ने दिखा दिया कि जब बात फायदे की हो तो पुराने दोस्त भी पीछे छूट सकते हैं। भारत की मजबूत कूटनीति और इकोनॉमी ने UAE को अपनी तरफ खींच लिया, जबकि पाकिस्तान को झटका लगा। यह घटना साफ बताती है कि आज के दौर में मजबूत अर्थव्यवस्था और स्मार्ट डिप्लोमेसी ही असली ताकत है।










