UK Study Visa Ban: अब ब्रिटेन में पढ़ाई का सपना टूटेगा? इन देशों के छात्रों को स्टडी वीजा नहीं मिलेगा

UK Study Visa Ban: वीजा अब्यूज रोकने के लिए ब्रिटेन का बड़ा कदम, अफगानिस्तान समेत 4 देशों पर स्टडी वीजा बैन

UK Study Visa Ban: ब्रिटेन सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार (बर्मा) और सूडान के नागरिकों को स्टडी वीजा (छात्र वीजा) नहीं मिलेगा। इसके अलावा अफगानिस्तान के लोगों के लिए वर्क वीजा (काम का वीजा) भी बंद कर दिया गया है। यह फैसला 5 मार्च 2026 को इमिग्रेशन रूल्स में बदलाव के जरिए लागू किया गया और 26 मार्च 2026 से यह पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने इसे “वीजा पर इमरजेंसी ब्रेक” बताया है। यह पहली बार है जब ब्रिटेन ने किसी देशों के नागरिकों पर इस तरह की रोक लगाई है।

क्यों लिया गया यह फैसला? शरण आवेदनों में भारी बढ़ोतरी/UK Study Visa Ban

ब्रिटेन सरकार का कहना है कि पिछले कुछ सालों में इन देशों से आने वाले छात्रों द्वारा वीजा लेकर ब्रिटेन पहुंचने के बाद शरण (एसाइलम) मांगने के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2025 तक शरण के लिए आवेदन 470 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए हैं। कुल शरण मामलों में से करीब 13 प्रतिशत ऐसे हैं जहां लोग स्टडी वीजा पर आकर बाद में शरण मांगते हैं। खासकर अफगानिस्तान से आने वाले 95 प्रतिशत छात्रों ने स्टडी वीजा पर पहुंचकर एसाइलम क्लेम किया। म्यांमार से एसाइलम क्लेम 16 गुना बढ़ गए, जबकि कैमरून और सूडान से चार गुना से ज्यादा।

सरकार का मानना है कि कुछ लोग पढ़ाई के नाम पर वीजा लेकर आते हैं और फिर शरण मांगकर सिस्टम का फायदा उठाते हैं। इससे ब्रिटेन की वीजा व्यवस्था पर बहुत दबाव पड़ रहा है। पिछले सालों में करीब 1 लाख 35 हजार लोग कानूनी रास्तों से ब्रिटेन पहुंचे और बाद में शरण मांगी। होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने कहा, “ब्रिटेन हमेशा से ही युद्ध, अत्याचार और खतरे से भागकर आने वाले असली जरूरतमंद लोगों की सहायता की है। लेकिन अब हम अपनी वीजा व्यवस्था का गलत इस्तेमाल नहीं होने देंगे। कुछ लोग हमारी उदारता का फायदा उठा रहे हैं। इसलिए हमें सख्त कदम उठाना पड़ा। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन वीजा सिस्टम को सही और मजबूत रखने के लिए जरूरी है।”

किन देशों पर लगी रोक? पूरी लिस्ट

ब्रिटेन सरकार ने इन चार देशों के नागरिकों पर स्टडी वीजा पूरी तरह बंद कर दिया है:

  • अफगानिस्तान – स्टडी वीजा और वर्क वीजा दोनों बंद।
  • कैमरून – केवल स्टडी वीजा बंद।
  • म्यांमार (बर्मा) – केवल स्टडी वीजा बंद।
  • सूडान – केवल स्टडी वीजा बंद।

यह रोक स्पॉन्सर्ड स्टडी वीजा पर लागू है, यानी ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन के लिए मिलने वाले छात्र वीजा पर। पहले से ब्रिटेन में पढ़ रहे छात्रों या पहले जारी वीजा पर क्या असर होगा, इस बारे में अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन नए आवेदनों पर पूरी रोक है।

इस फैसले का छात्रों और यूनिवर्सिटीज पर कितना असर पड़ेगा ?

इस फैसले से इन चारों देशों के हजारों संभावित छात्र प्रभावित होंगे। ब्रिटेन की कई यूनिवर्सिटीज विदेशी छात्रों पर बहुत निर्भर हैं, क्योंकि वे ज्यादा फीस देते हैं। 2025 में अफगानिस्तान से 360 स्टडी वीजा जारी हुए थे, सूडान से 243, कैमरून से 538 और म्यांमार से 2,084। अब ये नंबर शून्य हो जाएंगे। कई छात्रों के सपने टूट सकते हैं, खासकर उन देशों से जहां युद्ध, गृहयुद्ध या मानवाधिकार उल्लंघन चल रहा है।

कुछ संगठन जैसे UKCISA ने इसे “क्रूर और दूरदर्शिता की कमी वाला” फैसला बताया है। उनका कहना है कि इससे असली छात्र प्रभावित होंगे, जबकि शरण मांगने वाले लोग दूसरे रास्ते जैसे छोटी नावों से चैनल क्रॉसिंग कर सकते हैं। कैम्पेन ग्रुप्स का आरोप है कि यह फैसला और लोगों को अवैध तरीके अपनाने के लिए मजबूर करेगा।

ब्रिटेन की इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव जारी

यह फैसला ब्रिटेन की इमिग्रेशन पॉलिसी को और सख्त करने की दिशा में एक कदम है। पहले भी छात्रों के डिपेंडेंट्स (परिवार) पर रोक लगाई गई थी। सरकार का फोकस अब “वीजा अब्यूज” रोकने पर है ताकि असली जरूरतमंदों को मदद मिल सके। होम ऑफिस का कहना है कि यह कदम वीजा सिस्टम को मजबूत बनाएगा और ब्रिटेन की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

अगर आप इन देशों से हैं और ब्रिटेन में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो फिलहाल अन्य विकल्प जैसे दूसरे देशों की यूनिवर्सिटीज देख सकते हैं। ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि असली शरणार्थियों को सुरक्षा मिलती रहेगी, लेकिन नियमों का पालन सबके लिए जरूरी है।

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