Badaun News : बदायूं जिले से एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। कुंवरगांव क्षेत्र में तैनात लेखपाल ब्रजेश कुमार यादव ने सिविल लाइन पुलिस पर मारपीट करने, 50 हजार रुपये छोड़ने के एवज में मांगने और मोबाइल फोन छीनने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। घटना के बाद लेखपाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लेखपाल ने क्या कहा?

लेखपाल ब्रजेश कुमार यादव के अनुसार, मंगलवार को वह पडौआ गांव में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का काम निपटाकर वापस लौट रहे थे। रास्ते में मंडी समिति के पास उनके अपने खेत में मिट्टी भराई का काम चल रहा था। इसी दौरान दो पुलिसकर्मियों ने मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक लिया। लेखपाल ने पुलिसकर्मियों को बताया कि खनन अधिकारी से पूरी अनुमति ली हुई है, लेकिन इसके बावजूद बहस हो गई।
आरोप है कि पुलिसकर्मी उन्हें जबरन मंडी समिति पुलिस चौकी ले गए और वहां बंद कमरे में बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद उन्हें सिविल लाइन थाना लाया गया, जहां भी कथित तौर पर मारपीट जारी रही। लेखपाल का कहना है कि थाने में उनसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। बाद में पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लेकर आई, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए भर्ती कर लिया गया।
लेखपाल संघ का उग्र तेवर
खबर फैलते ही उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के कई पदाधिकारी जिला अस्पताल पहुंच गए और पीड़ित लेखपाल के साथ एकजुटता दिखाई। संघ के जिलाध्यक्ष भोजराज ने साफ कहा कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बुधवार से जनपद के सभी लेखपाल कलम छोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
पुलिस का पक्ष
वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि लेखपाल ब्रजेश कुमार यादव शराब के नशे में धुत थे और सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहे थे। इसलिए उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के आदेश संभावित
फिलहाल दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच मामले में गहरी संदिग्धता बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक उच्च पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान ले लिया है और जल्द ही निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। सच क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।
जिले में यह घटना पुलिस-प्रशासन और राजस्व विभाग के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले के लेखपाल काम बंद कर सड़कों पर उतर आएंगे।










