Vande Mataram Parliament Debate Breaks Records: भारत (India) के राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ पर संसद (Parliament) में इस बार कुछ खास होने जा रहा है। 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) में 10 घंटे की लंबी और ऐतिहासिक चर्चा तय की गई है। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) करेंगे, जबकि राज्यसभा में इसकी कमान गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) संभालेंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बड़े चेहरे आमने-सामने होंगे, जिनमें राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड़ा (Priyanka Gandhi Vadra) जैसे नेता भी शामिल हैं। इस बहस को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैचारिक महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है। आखिर इस चर्चा से क्या बड़ा संदेश निकलने वाला है, तो चलिए पूरा मामला जानते हैं विस्तार से…
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ/Vande Mataram Parliament Debate Breaks Records
‘वंदे मातरम्’ भारत (India) के स्वतंत्रता संग्राम का वह उद्घोष रहा है, जिसने लाखों लोगों को एकजुट किया। इस राष्ट्रगीत की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (Bankim Chandra Chattopadhyay) ने की थी और इसका संगीत जदुनाथ भट्टाचार्य (Jadunath Bhattacharya) ने तैयार किया। वर्ष 2025 में इसके 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे केंद्र सरकार (Government of India) पूरे साल एक राष्ट्रव्यापी उत्सव के रूप में मना रही है। इसी कड़ी में संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session) के दौरान इस पर विशेष चर्चा रखी गई है। लोकसभा में सोमवार को इस विषय पर बहस शुरू होगी, जिसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे नई पीढ़ी, खासकर युवाओं और छात्रों में राष्ट्रीय चेतना और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

लोकसभा से राज्यसभा तक गूंजेगा राष्ट्रगीत का स्वर
सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) में इस ऐतिहासिक चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) करेंगे। उनके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) दूसरे वक्ता के रूप में अपनी बात रखेंगे। इस चर्चा में कांग्रेस (Congress) के उपनेता गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) और प्रियंका गांधी वाड़ा (Priyanka Gandhi Vadra) सहित कई वरिष्ठ सांसद हिस्सा लेंगे। वहीं मंगलवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) चर्चा का आगाज करेंगे, जबकि उनके बाद स्वास्थ्य मंत्री और सदन के नेता जे. पी. नड्डा (JP Nadda) बोलेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस बहस के दौरान वंदे मातरम् से जुड़े कई ऐसे ऐतिहासिक और वैचारिक पहलू सामने आएंगे, जो आम जनता के लिए अब तक कम जाने-पहचाने रहे हैं।
पीएम मोदी का कांग्रेस पर सीधा हमला
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कांग्रेस (Congress) पर तीखा हमला कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि वर्ष 1937 में कांग्रेस ने इस गीत के प्रमुख छंदों को हटाने का समर्थन किया और इससे देश में विभाजन के बीज बोए गए। 7 नवंबर को पीएम मोदी ने पूरे साल चलने वाले समारोहों की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा था कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। वहीं अब संसद में होने वाली बहस के दौरान इन पुराने राजनीतिक और वैचारिक विवादों के फिर से उठने की पूरी संभावना है। विपक्ष की ओर से राहुल गांधी (Rahul Gandhi), मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं के बयानों पर भी सबकी नजर टिकी हुई है।
चुनाव सुधार भी एजेंडे में
सिर्फ वंदे मातरम् ही नहीं, संसद (Parliament) के इसी सत्र में चुनाव सुधारों (Election Reforms) पर भी व्यापक चर्चा होने वाली है। लोकसभा में मंगलवार और बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) पर बहस होगी, वहीं राज्यसभा में यह चर्चा बुधवार और गुरुवार के लिए तय है। हालांकि शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन विपक्षी हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। अब सरकार की कोशिश है कि राष्ट्रगीत और चुनाव सुधार—दोनों मुद्दों पर व्यापक सहमति बने। उधर कांग्रेस ने अपने वक्ताओं की सूची भी तैयार कर ली है, जिसमें दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda), मनीष तिवारी (Manish Tewari), के. सी. वेणुगोपाल (KC Venugopal) जैसे नाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिन संसद में बेहद गर्म रहने वाले हैं।










